क्यों ज़रूरी है, अमरीकी इतिहास के काले पन्नों को खोलना?
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0:01 - 0:03कुछ समय पहले
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0:03 - 0:05मुझे न्योता आया
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0:05 - 0:10जेम्स मैडिसन के ऐतिहासिक घर में
कुछ समय बिताने का. -
0:10 - 0:12जेम्स मैडिसन
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0:12 - 0:14संयुक्त राष्ट्र अमरीका के चौथे राष्ट्रपति,
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0:14 - 0:17संविधान के निर्माता,
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0:17 - 0:19एवं "बिल ऑफ़ राइट्स"
के वास्तुकार थे. -
0:20 - 0:21एक इतिहासकार होने के नाते
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0:21 - 0:25मैं काफी उत्साहित था,
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0:25 - 0:30क्योंकि इस स्थान की महत्ता
मैं समझ सकता था. -
0:30 - 0:35मैडिसन इसे "मोंटपेलिएर" कहते थे,
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0:35 - 0:38जो काफी सुन्दर है.
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0:38 - 0:41हज़ारों एकड़ में फैले पहाड़,
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0:41 - 0:43खेत, जंगल,
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0:44 - 0:48एवं पर्वत श्रेणियों के
अद्भुत दृश्य. -
0:49 - 0:50परन्तु
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0:51 - 0:57यहां ग़ुलामी भी
करवाई जाती थी. -
0:58 - 1:01जेम्स मैडिसन ने
अपने जीवनकाल में -
1:01 - 1:03100 से अधिक
ग़ुलाम रखे थे. -
1:03 - 1:06और कभी किसी को
आज़ाद नहीं किया, -
1:06 - 1:07अपने अंतिम क्षणों
में भी नहीं. -
1:08 - 1:12इस क्षेत्र का मुख्य आकर्षण
उनकी हवेली है. -
1:12 - 1:14जेम्स यहीं पले-बढे,
-
1:14 - 1:17राष्ट्रपति पद से निवृत्त होकर
यहीं वापस आये, -
1:17 - 1:19एवं यहीं उन्होंने
अंतिम सांस ली. -
1:19 - 1:23तथा इस हवेली का मुख्य आकर्षण
उनका पुस्तकालय है. -
1:23 - 1:25दूसरे तल पर स्थित यह कक्ष
वही स्थान है, -
1:25 - 1:31जहां उन्होंने "बिल ऑफ़ राइट्स"
की नींव रखी. -
1:31 - 1:33जब मैं वहाँ
पहली बार गया, -
1:33 - 1:36तब शिक्षा निदेशक क्रिस्टिआन कोट्ज़,
जो कि काफी गोरे व्यक्ति हैं, -
1:36 - 1:37और काफी हंसमुख भी --
-
1:38 - 1:40(दर्शकों में हंसी)
-
1:40 - 1:43मुझे तुरंत
पुस्तकालय में ले गए. -
1:43 - 1:47ऐसे स्थान पर खड़े रहना
मेरे लिए एक अद्भुत अनुभव था -
1:47 - 1:51जहां अमरीकी इतिहास के
इतने महत्तवपूर्ण क्षण का सृजन हुआ. -
1:52 - 1:54किन्तु कुछ समय
वहाँ रुकने के बाद, -
1:54 - 1:58वे मुझे हवेली के
तहखाने में ले कर गए. -
1:59 - 2:01यह वही स्थान था,
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2:01 - 2:05जहां जेम्स के अफ्रीकी-अमरीकी सेवक
रहा करते थे -
2:05 - 2:07सेवक जो की
घर के काम करते थे. -
2:07 - 2:12यहां "अमरीका में ग़ुलामी" पर
प्रदर्शनी भी लगायी जाने वाली थी. -
2:12 - 2:14और जब हम वहां पर थे,
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2:14 - 2:17क्रिस्टिआन ने मुझे एक
अजीब चीज़ करने को कहा. -
2:17 - 2:19उन्होंने कहा, अपने हाथ को
-
2:19 - 2:24ईंट की दीवार पर रखो
और धीरे-धीरे फेरो, -
2:24 - 2:28जब तक कुछ छाप
या गड्ढे महसूस न हों. -
2:29 - 2:30अब क्योंकि मै
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2:30 - 2:33यहां रुकने वाला था
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2:33 - 2:34कुछ दिन,
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2:34 - 2:36इसलिए किसी गोरे व्यक्ति को
नाराज़ नहीं करना चाहता था. -
2:36 - 2:38(दर्शकों में हंसी)
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2:38 - 2:39क्योंकि अंत में
-
2:39 - 2:41मैं यहां से सकुशल निकलना चाहता था.
-
2:41 - 2:44(दर्शकों में हंसी)
-
2:44 - 2:48किन्तु जब मैंने दीवार पर हाथ फेरा,
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2:48 - 2:51मुझे मेरी बेटियों की याद आ गयी,
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2:51 - 2:52खासकर सबसे छोटी बेटी की,
-
2:52 - 2:55जो उस समय दो
या तीन साल की रही होगी, -
2:55 - 2:57क्योंकि जब भी वह
हमारी कार से उतरती थी, -
2:57 - 3:00इसी तरह कार पर
अपने हाथ फेरती थी, -
3:00 - 3:02जो की हास्यास्पद होता था .
-
3:02 - 3:04और --
-
3:04 - 3:06और यदि मैं समय पर
उसे नहीं रोक पाता -
3:06 - 3:09तोह वह अपनी गन्दी उंगलियां
मुँह में डाल लेती थी -
3:09 - 3:11जिसे देखकर मुझे चिढ आती थी.
-
3:11 - 3:14एक इतिहासकार होने के बावजूद
मैं यह सब सोच रहा था -
3:14 - 3:16(दर्शकों में हंसी)
-
3:16 - 3:21परन्तु तभी मुझे कुछ एहसास हुआ
-
3:21 - 3:23दीवार की ईंट में कुछ छाप सी.
-
3:23 - 3:27और एक क्षण में समझ गया
कि यह क्या है. -
3:27 - 3:28वो थीं ......
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3:28 - 3:30....छोटी छोटी हथेलियों
की छापें -
3:31 - 3:36क्योंकि वहाँ बनी सारी ईंटें
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3:36 - 3:39ग़ुलाम बनाये गए बच्चों
के हाथों से बनी थीं. -
3:40 - 3:42और तब मुझे आभास हुआ
-
3:42 - 3:44कि वह पुस्तकालय
-
3:44 - 3:50जहां मैडिसन ने "बिल ऑफ़ राइट्स"
कि नींव रखी, -
3:50 - 3:52उस पुस्तकालय कि नींव है
यह तहखाना -
3:53 - 3:56जिसकी ईंटें ग़ुलाम रखे गए
बच्चों ने बनायीं हैं. -
3:57 - 4:00मैं इसे इतिहास का
काला अध्याय कहूंगा. -
4:01 - 4:04काला अध्याय इसलिए,
क्योंकि मुश्किल होता है -
4:04 - 4:06ऐसी अमानवीयता की कल्पना करना,
-
4:06 - 4:08जहां बच्चों को ग़ुलाम बनाया जाता है
-
4:08 - 4:11ताकि वे किसी के आराम-गृह
के लिए ईंटें बना सकें. -
4:12 - 4:13काला अध्याय इसलिए,
-
4:13 - 4:17क्योंकि जो ग़ुलामी
के काले सच हैं - -
4:17 - 4:19शारीरिक यातनायें, बंधुआ मजदूरी,
बिखरते असहाय परिवार ...... -
4:19 - 4:22इन सब की चर्चा करने से
लोग कतराते हैं. -
4:22 - 4:26काला अध्याय इसलिए, क्योंकि
श्वेत-वर्चस्व के नाम पर -
4:26 - 4:30ग़ुलामी को सही ठहराया जाता था.
-
4:30 - 4:34इसलिए इस काले सच का
सामना करने की जगह, -
4:34 - 4:36हम इसको नकारते रहे.
-
4:37 - 4:42कभी कभी इस कारण से
अनोखे तर्क सुनने को भी मिले. -
4:43 - 4:46मैं बता नहीं सकता,
कितनी बार मैंने लोगों को कहते सुना है -
4:46 - 4:49कि अमरीका में आंतरिक गृह-युद्ध
ग़ुलामी के विरोध के कारण हुआ. -
4:50 - 4:52यह तर्क उन लोगों को
अवश्य अचंभित कर देता -
4:52 - 4:54जो अमरीकी गृह-युद्ध
का हिस्सा थे. -
4:54 - 4:55(दर्शकों में हंसी)
-
4:55 - 5:00कभी कभी हम अपने काले इतिहास को
सही ठहराने का प्रयास करते हैं. -
5:01 - 5:03जब लोग मोंटपेलिएर जाते हैं
-
5:03 - 5:05मेरा मतलब, श्वेत-वर्ण के लोग --
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5:05 - 5:07जब वे मोंटपेलिएर जाते हैं
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5:07 - 5:11और उन्हें पता चलता है कि
मैडिसन ने कई ग़ुलाम रखे थे, -
5:11 - 5:13तो वे अक्सर यह
सवाल करते हैं - -
5:13 - 5:15"क्या मैडिसन एक
अच्छे मालिक नहीं थे?" -
5:16 - 5:17एक "अच्छा मालिक" ?
-
5:18 - 5:20ग़ुलामी में कोई भी मालिक
"अच्छा" नहीं होता है . -
5:20 - 5:23सिर्फ "बुरे" और "बहुत बुरे" मालिक
ही होते हैं ग़ुलामी में. -
5:25 - 5:26और कभी तो
-
5:26 - 5:29हम ऐसा बर्ताव करते हैं
जैसे कि कुछ गलत हुआ ही नहीं. -
5:29 - 5:33मैं बता नहीं सकता
कितनी बार मैंने लोगों को कहते सुना है -
5:33 - 5:37"दक्षिणी प्रांतों में तो
ग़ुलामी होती ही नहीं थी." -
5:37 - 5:38बिलकुल होती थी
-
5:39 - 5:41ग़ुलामी हर अमरीकी राज्य में होती थी,
-
5:41 - 5:44मेरे राज्य, न्यू यॉर्क में होती थी
-
5:44 - 5:48अमरीकी क्रांति के
50 वर्ष बाद भी. -
5:49 - 5:50हम ऐसा आखिर
क्यों करते हैं? -
5:50 - 5:54क्यों हम अपने अतीत का
सामना नहीं करते? -
5:54 - 5:57साहित्यकार रेगी गिब्सन ने
इसका सही उत्तर दिया था -
5:57 - 5:59जब उन्होंने कहा था कि
-
5:59 - 6:05अमरीकी दरअसल अपने अतीत
से मुँह चुराते हैं, नापसंद करते हैं -
6:06 - 6:08हमें पसंद हैं
-
6:08 - 6:09सुखद स्मरण, अच्छी यादें
-
6:10 - 6:11सुनहरे पल
-
6:12 - 6:14हमें अतीत की वो कहानियां
अच्छी लगती हैं -
6:14 - 6:17जो हमें वर्तमान में
प्रसन्न रखें, परेशान न करें. -
6:18 - 6:20परन्तु हम ये मुखौटा
हमेशा नहीं रख सकते. -
6:21 - 6:23स्पेन के दार्शनिक एवं लेखक
जॉर्ज संतायना ने कहा था -
6:23 - 6:27कि जो अपने अतीत को
याद नहीं रख सकते -
6:27 - 6:29वे उसे दोहराने का दुस्साहस करते हैं.
-
6:29 - 6:33एक इतिहासकार होने के नाते
मैं इस कथन पर काफी मंथन करता हूँ, -
6:33 - 6:37और मुझे लगता है कि एक प्रकार से
यह अमरीका पर सटीक बैठता है. -
6:37 - 6:39और एक प्रकार से नहीं भी.
-
6:39 - 6:42क्योंकि इस कथन में
यह मान लिया गया है -
6:42 - 6:45कि कभी अतीत के
किसी मोड़ पर -
6:45 - 6:47हमने वह सब धारणायें
छोड़ दी थी -
6:47 - 6:51जिनसे असमता उपजी थी.
-
6:51 - 6:53कटु सत्य यह है कि
हमने वो धारणाएं -
6:53 - 6:55अभी तक नहीं छोड़ी हैं.
-
6:55 - 6:58उदाहरण के लिए,
जातीय आर्थिक असमता को लीजिये -
6:59 - 7:04परिवारों में एक पीढ़ी
धन-संपत्ति एकत्र करती है -
7:04 - 7:07और उसे अगली पीढ़ी को
सौंप देती है. -
7:08 - 7:11श्वेत परिवारों में
औसत वार्षिक आय -
7:11 - 7:141,47,000 डॉलर है
-
7:15 - 7:18जबकि अश्वेत परिवारों में
औसत वार्षिक आय -
7:19 - 7:22मात्र 4000 डॉलर है.
-
7:23 - 7:26इस असमता को कैसे
समझा जाए? -
7:27 - 7:28काला इतिहास.
काला अतीत. -
7:29 - 7:32मेरे परदादा ग़ुलाम ही
पैदा हुए थे, -
7:32 - 7:36जेस्पर काउंटी, जॉर्जिया, 1850 में.
-
7:36 - 7:40एक ग़ुलाम होने के तौर पर
न तो उन्हें संपत्ति एकत्र करने दी गयी -
7:40 - 7:42और न आज़ाद होने पर
आर्थिक सहायता दी गयी -
7:42 - 7:46उनकी मेहनत का
कोई फल नहीं दिया गया. -
7:46 - 7:51उनके सुपुत्र, जो कि
1870 में पैदा हुए -
7:51 - 7:55उन्होंने काफी जायदाद
बना ली थी. -
7:56 - 8:00परन्तु 1910 के दशक में
जिम क्रो ने उनसे वह भी ले ली. -
8:01 - 8:03उसके बाद जिम क्रो ने
अपनी जान भी ले ली. -
8:04 - 8:06मेरे दादाजी,
-
8:06 - 8:07जब जॉर्जिया में पैदा हुए
-
8:07 - 8:09उनके लिए कोई भी
पैतृक संपत्ति नहीं थी. -
8:09 - 8:12इसलिए वे जॉर्जिया छोड़ कर
न्यू जर्सी में पले बढे -
8:13 - 8:16वे जीवनभर इमारतों
का रखरखाव करते रहे. -
8:17 - 8:22उन्हें शिक्षा में एवं कार्यस्थल पर
भेदभाव का सामना करना पड़ा -
8:22 - 8:26जिस वजह से वे कभी
मध्यम वर्ग में स्थान नहीं बना पाए. -
8:27 - 8:30इसलिए 1990 के दशक में
अपनी मृत्यु के समय -
8:30 - 8:32वे अपने दो बेटों को
-
8:32 - 8:34सिर्फ एक जीवन बीमा पॉलिसी
ही दे पाए -
8:34 - 8:38जिससे उनके अंतिम संस्कार का खर्च
ही मुश्किल से निकल पाया. -
8:39 - 8:42मेरे माता-पिता, जो कि
सामाजिक कार्यकर्ता हैं, -
8:42 - 8:45किसी प्रकार एक घर
खरीद पाए -
8:45 - 8:48क्राउन हाइट्स, ब्रुकलिन (न्यू यॉर्क) में,
1980 में, -
8:48 - 8:5155,000 डॉलर की कीमत चुकाकर.
-
8:52 - 8:55उस समय क्राउन हाइट्स में
अश्वेत परिवार ही रहा करते थे, -
8:55 - 8:56और वह बस्ती
असुरक्षित थी. -
8:56 - 8:59मेरा भाई और मैं
जब सोते थे -
8:59 - 9:00तो हमें नींद में
-
9:00 - 9:02गोलियों कि आवाज़ सुनाई देती थी.
-
9:03 - 9:07पर हमारे माँ-बाप ने
हमें सुरक्षित रखा, -
9:07 - 9:10और उन्होंने वह घर
भी नहीं छोड़ा. -
9:11 - 9:1240 साल तक.
-
9:12 - 9:14और वे अभी भी
वहीँ रहते हैं. -
9:14 - 9:18पर कुछ बहुत ही
"अमरीकी" घटना हुई -
9:18 - 9:19करीब 20 साल पहले.
-
9:20 - 9:21करीब 20 साल पहले,
-
9:21 - 9:25एक रात, वे सोये तो
अश्वेतों की बस्ती में -
9:25 - 9:27लेकि अगली सुबह जब जागे
-
9:27 - 9:28तो वह बस्ती
श्वेतों की बन चुकी थी -
9:28 - 9:30(दर्शकों में हंसी)
-
9:30 - 9:33बस्ती की इस "जीर्णोद्धार"
की प्रक्रिया में -
9:33 - 9:36न सिर्फ वहाँ के रहवासी
रहस्य्मयी तरीके से गायब हो गए -
9:37 - 9:39बल्कि उनके घर की कीमतें
-
9:40 - 9:42आसमान को छू गयीं.
-
9:42 - 9:46तो जो घर उन्होंने 55,000 डॉलर
की कीमत पर लिया था -- -
9:46 - 9:4829% ब्याज पर,
-
9:49 - 9:54उसकी कीमत अब 30 गुना
हो गयी है. -
9:54 - 9:5530 गुना.
-
9:55 - 9:57चलिए इसका हिसाब लगते है.
-
9:57 - 9:5955,000 गुणा 30 ....... इतने सारे शून्य !
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9:59 - 10:00यह काफी बड़ी राशि है.
-
10:00 - 10:02(दर्शकों में हंसी)
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10:03 - 10:05तो इसका अर्थ ये
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10:05 - 10:07कि उनकी एकमात्र संपत्ति
-
10:07 - 10:12को जब मुझे और मेरे भाई
को दिए जाने का समय आएगा -
10:12 - 10:17तो मेरे वंश के इतिहास में
ऐसा पहली बार होगा, -
10:17 - 10:21ग़ुलामी के अंत के
150 साल बाद, -
10:21 - 10:25कि नयी पीढ़ी को विरासत में
वाकई कुछ मूल्यवान संपत्ति मिलेगी. -
10:26 - 10:29और ऐसा इसलिए नहीं क्योकि
हमारे पूर्वजों ने बचत नहीं की, -
10:29 - 10:30मेहनत नहीं की,
-
10:30 - 10:32शिक्षा पर ध्यान नहीं दिया.
-
10:33 - 10:36बल्कि इसलिए क्योंकि
हमारा अतीत काला रहा है. -
10:37 - 10:38इसलिए जब मैं उसके बारे में
मंथन करता हूँ, -
10:38 - 10:41तो मुझे चिंता इस बात कि नहीं होती
कि हम यदि उसे भूल गए, -
10:41 - 10:46तो फिर वही इतिहास दोहराया जाएगा,
-
10:46 - 10:50बल्कि इस बात कि चिंता होती है
कि यदि हम वो इतिहास भूल गए , -
10:50 - 10:53तो हम गलतियां करते ही रहेंगे.
-
10:53 - 10:56हम वो सब करते रहेंगे
-
10:56 - 11:00जिससे असमता और अन्याय
की शुरुआत हुई थी. -
11:01 - 11:03इसीलिए ज़रूरी है
-
11:03 - 11:09की हम सदियों से चले आ रहे
इस सिलसिले को रोक दें. -
11:09 - 11:13हम ऐसा कर सकते हैं,
सच को जानकर. -
11:14 - 11:17अपने काले अतीत का सामना कर.
-
11:17 - 11:21इतिहास के वो पन्ने
पूरी दुनिया के सामने खोलकर. -
11:22 - 11:25सच बोलकर.
-
11:26 - 11:29छात्रों को उसके बारे में
ज्ञान देकर. -
11:29 - 11:34यदि हम ऐसा नहीं करते हैं
तो यह शिक्षा प्रणाली की असफलता होगी . -
11:35 - 11:37अभिभावकों को अपने बच्चों को
सच बताना होगा, -
11:37 - 11:39ताकि वे समझ सकें
-
11:39 - 11:42की हम आज जो हैं, वो किस दौर से
गुज़र कर बने हैं. -
11:43 - 11:47अंततः, हमें सत्य के मार्ग पर चलना होगा.
-
11:48 - 11:50अकेले और दूसरों के साथ,
-
11:50 - 11:52एकांत में और सबके सामने,
-
11:52 - 11:55छोटे और बड़े स्तर पर.
-
11:55 - 12:00हमें प्रयास करना होगा,
अपने मौलिकता की दिशा को -
12:00 - 12:01न्याय की तरफ मोड़ने का.
-
12:01 - 12:04इस प्रसंग में निष्क्रिय रहना,
असमता को बढ़ावा देना माना जाएगा. -
12:05 - 12:06...
-
12:07 - 12:10इतिहास हमें याद दिलाता है
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12:10 - 12:12की एक राष्ट्र के तौर पर हम
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12:12 - 12:17राजनैतिक महारथियों के
कन्धों पर खड़े हुए हैं. -
12:17 - 12:18जैसे कि जेम्स मैडिसन.
-
12:19 - 12:25लेकिन वह हमें यह भी याद दिलाता है
कि एक राष्ट्र के तौर पर हम, -
12:25 - 12:30ग़ुलाम बनाये गए अफ़्रीकी-अमरीकी
बच्चों के कन्धों पर भी खड़े हैं. -
12:31 - 12:35अश्वेत परिवारों के छोटे,
मासूम बच्चे -
12:35 - 12:39जिन्होंने अपने कोमल हाथों से
वो ईंटें बनायीं -
12:39 - 12:43जिनसे हमारे राष्ट्र की
नींव रखी गयी. -
12:44 - 12:49और यदि हम एक न्यायसंगत समाज
को गंभीरता से विकसित करना चाहते हैं, -
12:49 - 12:53तो हमें अपना संपूर्ण इतिहास याद रखना होगा
-
12:53 - 12:56और याद रखने होंगे वो लोग ..........
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12:57 - 12:58धन्यवाद
-
12:58 - 13:05(दर्शकों में तालियां)
- Title:
- क्यों ज़रूरी है, अमरीकी इतिहास के काले पन्नों को खोलना?
- Speaker:
- हसन क्वामे जेफ़रीस
- Description:
-
एक राष्ट्र के तौर पर आगे बढ़ने के लिए, संयुक्त राज्य अमरीका को अपने इतिहास में झांककर उन अध्यायों को देखना होगा, जिनसे अन्याय का प्रसार हुआ. ऐसे ही कुछ महत्त्वपूर्ण किन्तु विस्मृत प्रसंगों को याद करते हुए, हसन क्वामे बताते हैं की क्यों हमें अपने अतीत के कष्टप्रद कथानकों को समझना होगा, ताकि हम अल्पसंख्यकों के खिलाफ किये गए अन्याय को सुधार सकें एवं एक न्यायसंगत आधुनिक समाज की स्थापना कर सकें.
- Video Language:
- English
- Team:
closed TED
- Project:
- TEDTalks
- Duration:
- 13:18
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