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मेरा नाम सेविदज़ेम अर्नेस्टाइन लेइकेकी है,
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मैं कैमरून के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र की
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एक जलवायु कार्यकर्ता हूं।
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मैं दो चीजों पर ध्यान केंद्रित करती हूं,
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प्रकृति की देखभाल करना
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और अगली पीढ़ी को ऐसा
करने के लिए शिक्षित करना।
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हम जलवायु आपातकाल से नहीं लड़ सकते,
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अगर हम अपनी भूमि की रक्षा और
पुन: निर्माण नहीं कर सकते हैं।
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इसलिए मैं और मेरे साथी,
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कैमरून जेंडर एंड एनवायरनमेंट वॉच में,
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20,000 हेक्टेयर किलुम-इज़िम वन को
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पुनर्जीवित करने के लिए समर्पित हैं।
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300,000 लोगों का मेरा समुदाय
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आजीविका के लिए प्रकृति पर निर्भर है।
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हम अपने जंगलों और अपने खेतों
में दैनिक समाधान पाते हैं।
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लेकिन हमारे प्राकृतिक संसाधनों को शोषण,
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अतिक्रमण और मृदा संरक्षण
से अधिक चुनौतियों का
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सामना करना पड़ रहा है।
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और ये असमानता लैंगिक असमानता,
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सांस्कृतिक बाधाओं और प्रकृति
की अच्छाई के बारे में
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हमलोगों को बहुत कम या कोई ज्ञान नहीं था।
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उनमें से सबसे खराब, विनाशकारी बुशफायर है।
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यह सुनिश्चित करने के लिए कि
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यह जंगल भविष्य में भी मौजूद रहे,
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हम अपने बच्चों को शिक्षित
करने का काम कर रहे हैं,
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कि यदि वे जंगल की रक्षा करते हैं,
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तो यह बदले में उनका सहायता करेगा।
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हम अपने बच्चों को शिक्षित करते
हैं कि प्रकृति से प्यार करने
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और देखभाल के साथ व्यवहार
करने का क्या मतलब होता है।
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इसे मैं कहती हूं, एक जंगल
की पीढ़ी को ज़िंदा रखना।
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आज तक, मेरे संगठन ने
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किल्म-इज़िम वन क्षेत्र में
50,000 से अधिक लोगों को
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पर्यावरण शिक्षा प्रदान की है।
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उनमें से 60%, महिलाएं हैं।
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हमारे नर्सरी में हर हफ्ते बाल
मैत्रीपूर्ण सत्र होते हैं,
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हमारे जंगल में पाए जाने
वाले पेड़ों के बारे में
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और उनकी देखभाल कैसे करें।
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सामुदायिक रेडियो के माध्यम से
हम कई लोगों तक पहुंचते हैं।
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हमने आर्थिक अवसर भी विकसित किए हैं।
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हमने मधुमक्खी पालन में किलुम-इज़िम
वन क्षेत्र में 2,000 से
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अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया है।
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जब हम मधुमक्खी किसानों की भर्ती करते हैं,
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तो यह मौका है नए अवसरों का।
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हम महिलाओं को दो बीहइवस देते हैं,
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और पुरुषों को एक।
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हम उन्हें शहद के उत्पादन,
मधुमक्खियों के छत्ते के बारे में
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भी सिखाते हैं, शहद की शराब
और शहद का रस बनाते हैं,
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और मधुमक्खियों से डिटर्जेंट
और लोशन बनाते हैं।
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जब वे अपने हाइव्ज़ करते हैं,
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तो समुदाय बुशफायर पर नज़र रखता है।
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और मधुमक्खी पालन से
होने वाली आय का मतलब है
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वे अधिक पेड़ लगा सकते हैं।
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यह एक शानदार समीकरण है।
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शहद आय के बराबर है,
नौकरियों के समनांतर है,
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लैंगिक समानता के बराबर
है, संरक्षण के बराबर है।
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2020 तक,
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हमने किल्म-इजीम वन को
पुनर्जीवित करने के लिए
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इसमें 6,000 पेड़ लगाए गएं हैं।
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प्रकृति हमारे जलवायु शमन
लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए
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सबसे बड़ी सहयोगी बनी हुई है।
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पेड़ लगाना ज़रूरी है,
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लेकिन हमें जंगल की पीढ़ी
को उभारने की जरूरत है,
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जो प्रकृति के साथ तालमेल
बैठाए और जीवित रहे।
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धन्यवाद।