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वह नौकरियाँ जो हम मशीन के हाथों खो देंगे - और वह जो हम नहीं खोएँगे

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    तो यह मेरी भतीजी है
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    उसका नाम याहली है
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    उसकी उम्र नौ महीने है
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    उसकी माँ डाॅक्टर है, और पिता वकील है
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    जब तक याहली काॅलेज जाने लगेगी,
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    उसके माँ-बाप के पेशे का रुख काफी अलग होगा
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    2013 में, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के
    शोधकर्ताओं ने काम के भविष्य का अध्ययन किया था
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    उसका निष्कर्ष निकला कि
    लगभग दो में से एक पेशे को
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    मशीनों द्वारा स्वचालित होने का खतरा है
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    मशीन शिक्षा की टेकनोलोजी
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    इस व्यवधान के लिए ज़िम्मेदार है
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    यह आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेन्स की
    सबसे ताकतवर शाखा है,
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    जो मशीनों को जानकारी द्वारा शिक्षा देती है
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    व इंसानों द्वारा किए गए कार्यों की
    नकल करना सिखाती है
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    मेरी कंपनी, कागल, आधुनिक मशीन शिक्षा
    पर काम करती है
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    हम हज़ारों विशेषज्ञों को इकट्ठा करते हैं
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    उद्योग और शिक्षा की
    महत्वपूर्ण समस्याएँ सुलझाने के लिए
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    इससे हमें अनोखा नज़रिया मिल जाता है,
    कि मशीनें क्या कर सकती हैं
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    और क्या नही
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    और किस पेशे को वे
    स्वचालित बनाने का खतरा देंगे
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    मशीन शिक्षा ने उद्योग में अपना स्थान
    1990-2000 की शुरुआत में बनाया
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    इसकी शुरुआत ज़्यादतर आसान कार्यों से हुई
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    पहले-पहले इससे कर्ज़ की अर्ज़ी में
    उधारी के खतरे आंके जाते थे,
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    हस्तलिखित ज़िप कोड के वर्ण
    को पढ़कर पत्रों को छाँटा जाता था
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    पिछले कुछ सालों में,
    हमने बहुत उन्नति की है
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    मशीन शिक्षा अब इससे कई गुना ज़्यादा
    जटिल कार्य कर सकती है
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    2012 में, केगल ने
    अपनी बिरादरी को चुनौती दी
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    कि वे ऐसा एल्गोरिथम बनाए
    जो उच्च विद्यालय के लेखों को जाँच सके
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    जीतने वाले एल्गोरिथमों के दिए गए अंक,
    मानव शिक्षकों
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    के दिए गए अंकों से मिल रहे थे
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    पिछले साल हमने
    एक और भी मुश्किल चुनौती रख दी
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    क्या आप आँखों की तस्वीर ले कर
    उस रोग का निदान कर सकते हैं
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    जिसका नाम है डायबेटिक रेटिनोपैथी ?
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    इस बार फिर, जीतने वाले एल्गोरिथमों
    का निष्कर्ष, मानव नेत्र चिकित्सकों
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    के किए गए निदान से मिल रहा था
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    अब, सही जानकारी देने पर,
    मशीने इंसानों को मात देंगी
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    जब ऐसे कामों की बात हो
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    एक शिक्षक को 10,000 लेख पढ़ने में
    शायद 40 साल लग जाए
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    इतने वक्त में
    एक डॉक्टर शायद 50,000 आँखें देखे
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    एक मशीन लाखों लेख पढ़ सकती है
    और लाखों आँखें देख सकती है
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    वो भी चुटकियों में
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    हम मशीनों के सामने कुछ भी नहीं है
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    बार-बार होनेवाले,
    भारी मात्रा के कार्यों में
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    पर ऐसी भी चीज़ें हैं, जो हम कर सकते हैं,
    और मशीने नही कर सकती
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    और जहाँ मशीनों ने,
    नवीन स्थितियाँ संभालने में,
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    ज़्यादा प्रगति नहीं की
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    जो चीज़ें उन्होंने ज़्यादा बार
    देखी नही है, उन्हे वे संभाल नही पाते
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    मूल रूप से, मशीन शिक्षा की सीमा यह है कि
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    सीखने के लिए उन्हें भारी मात्रा में
    पिछली जानकारी की ज़रुरत है
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    अब इंसानों को इसकी ज़रूरत नही
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    हममें यह काबिलियत है कि
    हम असमान धागों को जोड़कर
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    पहले न देखी हुई समस्याओं को भी सुलझा सकते
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    पर्सी स्पेंसर एक भौतिकज्ञ था जो दूसरे
    विश्व युद्ध के दौरान रेडार पर काम कर रहा था
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    जब उसने देखा कि मैग्नेट्राॅन के कारण
    उसका चॉकलेट पिघल रहा है
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    वह अपनी विद्युत चुम्बकीय विकिरण की समझ को
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    खाना बनाने की समझ से जोड़ पाया
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    और आविष्कार कर पाया - अंदाज़ा लगाइए
    किसका - माइक्रोवेव ओवन का
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    अब यह सृजनात्मकता का अद्भुत उदाहरण है
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    पर इस किस्म का परागण
    हमारे लिए छोटे तरीकों में
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    दिन में हज़ार बार होता है
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    मशीने हमसे मुकाबला नही कर सकती
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    जब नई परिस्थितियों को संभालने की बात हो
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    और यह उन मानवी कार्य पर सीमा डालती है
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    जो मशीनों के कारण स्वचलित हो सकती है
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    तो इसका काम के भविष्य के संदर्भ
    में क्या मतलब है ?
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    किसी भी नौकरी के भविष्य की दशा
    इस सवाल के जवाब से जुड़ी है :
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    वह नौकरी में किस हद तक बार-बार होनेवाले
    और भारी मात्रा के कार्य है
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    और किस हद तक नए हालातों का
    सामना करना पड़ता हैं?
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    बार-बार होनेवाले व भारी मात्रा के कार्यों
    में मशीनें और होशियार होती जा रही हैं
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    आज वे लेखों को अंक देते हैं,
    रोगों का निदान करते हैं
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    आने वाले सालों में वे
    हमारी लेखा परीक्षा लेंगे
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    और कानूनी अनुबंधों के बॉयलरप्लेट पढ़ेंगे
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    मुनीम और वकील की ज़रूरत फिर भी होगी
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    कर की जटिल संरचना के लिए
    उनकी आवश्यकता होगी,
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    अग्रणी मुकदमों के लिए
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    पर मशीनों के कारण उनके पद कम होंगे
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    और ऐसी नौकरियाँ पाना मुश्किल होगा
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    अब, जैसा मैं कह चुका हूँ
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    नई परिस्थितियों में मशीन
    ज़्यादा प्रगति नहीं कर रही
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    विपणन अभियान के नमूने को ग्राहकों का
    ध्यान आकर्षित करना होगा
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    उसे बाकि सब से हट के होना चाहिए
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    व्यापार की रणनीति मतलब
    बाज़ार में कमी ढ़ूँडना
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    चीज़ें जो कोई और नहीं कर रहा हो
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    विपणन अभियान के नमूने का
    निर्माण करने वाले इंसान होंगे
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    और हमारी व्यापार रणनीति
    बनाने वाले भी इंसान होंगे
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    तो याहली, तुम जो भी करने का फ़ैसला लो,
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    हर दिन को एक नई चुनौती लाने दो
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    अगर ऐसा हुआ, तो तुम मशीनों से आगे ही रहोगी
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    धन्यवाद
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    ( तालियाँ )
Title:
वह नौकरियाँ जो हम मशीन के हाथों खो देंगे - और वह जो हम नहीं खोएँगे
Speaker:
आन्थनी गोल्डब्लूम
Description:

मशीन शिक्षा अब उधारी के खतरे जाँचने या पत्र छाँटने जितना आसान नहीं रहा - आज, वह इससे कई ज़्यादा जटिल कार्य कर सकता है, जैसे लेखों को अंक देना और रोगों का निदान करना । इन प्रगतियों के साथ एक सवाल उठता है जो हमे बेचैन कर देता है : क्या भविष्य में एक रोबोट आपका काम करेगा ?

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Video Language:
English
Team:
closed TED
Project:
TEDTalks
Duration:
04:36

Hindi subtitles

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