मीठे ख़्वाबों के धारें संग दो चार तारे छोटे सहन में बहे साथ साथ मीठे ख़्वाबों के धारें संग दो चार तारे छोटे सहन में बहे साथ साथ कब से खड़ा हूँ मैं यहाँ तू कहाँ ख़ाली मकान को घर बना तुझ को जो भाए वो बता हाथ बटा मैं झाड़ता हूँ तू सजा कभी दिल वाली गली में आ जा आ आजा आजा आ आजा आजा आ आ आजा आजा आ आजा आजा आ कहीं किसी खाने में कोई शिकवा रह जाए इसे साँसों सा दोहराए ना कोई काली चादर में छुप के एक भूल सो रही है कच्ची नींद है उठाए ना कोई चल खेलते हैं खेल नया सुन ज़रा मैं रूठती हूँ तू मना कभी दिल वाली गली में आ जा आ आजा आजा आ आजा आजा आ आ आजा आजा आ आजा आजा आ नीले आसमान को ख़्वाब सताने के सदियों के शोर से चुप लम्हे छान धड़कन ही रास्ता धड़कन ही मंज़िल अँखियों की ना सुन, बस दिल की मान राह भूल जाएँ अगर हर क़दम हर मोड़ पर छोड़ आया हूँ मैं पता कभी दिल वाली गली में आ जा आ आजा आजा आ आजा आजा आ आजा आजा आ