0:00:01.261,0:00:03.783 पांच साल पहले, मैंने जो अनुभव किया 0:00:03.783,0:00:07.119 वो एलिस के वंडरलैंड में होना जैसा था| 0:00:07.119,0:00:09.782 पेन स्टेट ने मुझसे पूछा, एक संवाद विधा शिक्षक, 0:00:09.782,0:00:13.122 अभियांत्रिकी छात्रों के लिए संवाद विधा की कक्षा लेने के लिए| 0:00:13.122,0:00:15.728 और मैं डरी हुई थी|(हँसी) 0:00:15.728,0:00:19.399 सच में डरी हुई| बड़े मस्तिस्क वाले इन छात्रों से डरी हुई थी 0:00:19.399,0:00:23.106 और उनकी बड़ी किताबो और उनके बड़े और अनजाने शब्दों से| 0:00:23.106,0:00:26.311 लेकिन जैसे वार्तालाप शुरू हुए, 0:00:26.311,0:00:29.219 मैंने अनुभव किया कि एलिस को वंडरलैंड में कैसा लगा होगा 0:00:29.219,0:00:33.396 जब वो खरगोश के बिल में गयी और नयी दुनिया का दरवाज़ा देखा| 0:00:33.396,0:00:36.007 बिलकुल ऐसा ही मैंने महसूस किया जब मैंने वो वार्तालाप किये 0:00:36.007,0:00:38.756 छात्रों के साथ| मैं उनके विचारों से स्तंभित थी, 0:00:38.756,0:00:43.722 और मैं चाहती थी दूसरे भी ये इस वंडरलैंड का अनुभव ले| 0:00:43.722,0:00:46.353 और मुझे भरोसा था इस दरवाज़े की चाबी एक 0:00:46.353,0:00:47.643 बढ़िया सवांद हैं| 0:00:47.643,0:00:50.527 अपनी दुनिया बदलने के लिए हमे अपने वैज्ञानिक और अभियांत्रिको से 0:00:50.527,0:00:53.586 एक बेहतर सवांद की जरूरत हैं| 0:00:53.586,0:00:56.476 हमारे वैज्ञानिक और अभियांत्रिक ही हैं जो 0:00:56.476,0:00:59.642 जो बड़ी बढ़ी चुनौतियों के साथ लड़ रहे हैं, उर्जा से लेकर 0:00:59.642,0:01:02.647 वातावरण तक चिकित्सा तक, दूसरों के साथ, 0:01:02.647,0:01:05.809 और अगर हम इनके बारे में नहीं जानेंगे और समझेंगे, 0:01:05.809,0:01:08.817 तब काम होगा ही नहीं, और मेरा मानना हैं कि गैर-वैज्ञानिक 0:01:08.817,0:01:11.768 होते हुए यह हमारी जिम्मेदारी हैं 0:01:11.768,0:01:14.928 लेकिन यह बेहतर संवाद नहीं हो सकते अगर हमारे वैज्ञानिक 0:01:14.928,0:01:18.162 और अभियांत्रिक हमे उनके वंडरलैंड में न बुलाए| 0:01:18.162,0:01:23.641 तो वैज्ञानिक और अभियांत्रिक, कृप्या, हमसे पढ़ाकू बाते करिये| 0:01:23.641,0:01:26.128 मैं बताना चाहूंगी कि कैसे आप इसे कर सकते हैं 0:01:26.128,0:01:30.203 ताकि हम देख सके कि आपका विज्ञान उत्तेजक हैं 0:01:30.203,0:01:32.803 और आपकी अभियांत्रिकी आकर्षक हैं| 0:01:32.803,0:01:36.536 हमारे लिए पहला सवाल हैं: तो क्या? 0:01:36.536,0:01:40.491 बताईये आपका विज्ञान हमसे कैसे संबंधित हैं| 0:01:40.491,0:01:43.121 सिर्फ ये मत बताईये कि आप trabeculae का अध्धयन करते हैं, 0:01:43.121,0:01:47.018 ये भी बताईये कि आप trabeculae का अध्धयन करते हैं, जो हमारी हड्डियों की जाल-रूपी सरंचना हैं| 0:01:47.018,0:01:51.631 क्यूंकि यह जरुरी हैं समझने के लिए और osteoporosis का इलाज करने के लिए| 0:01:51.631,0:01:56.137 और जब विज्ञान की व्याख्या कर रहे हैं, शब्दजाल से बचे| 0:01:56.137,0:02:00.013 शब्दजाल एक बाधा हैं जो आपके विचारों को समझने से रोकती हैं| 0:02:00.013,0:02:03.089 बेशक आप कह सकते हैं "स्थानिक और लौकिक" लेकिन क्यूँ सिर्फ कहे 0:02:03.089,0:02:06.515 "स्थान और समय" जो कि हमारे लिए सुलभ हैं? 0:02:06.515,0:02:11.663 और आपके विचार हमारे लिए सुलभ बनाना उन्हें सिर्फ बताना नहीं है| 0:02:11.663,0:02:14.440 बल्कि, जैसे कि आइंस्टीन ने कहा हैं, हर चीज़ 0:02:14.440,0:02:17.874 को जितना हो सके आसान बनाये, लेकिन साधारण नहीं| 0:02:17.874,0:02:20.647 आप बिलकुल अपने विज्ञान के साथ सवांद कर सकते हैं 0:02:20.647,0:02:23.334 विचारों के समझौते के बिना| 0:02:23.334,0:02:27.279 कुछ चीज़े जो ध्यान में रखना है उदाहरण, कहानियाँ 0:02:27.279,0:02:28.984 और अनुरूपता| यह वो तरीके है जो आपके सामग्री 0:02:28.984,0:02:31.166 को हमारे लिए आकर्षक और रोचक बनाते हैं| 0:02:31.166,0:02:37.479 और अपना काम प्रस्तुत करते हुए बुलेट पॉइंट्स को छोड़ दीजिए| 0:02:37.479,0:02:41.332 कभी आपने सोचा हैं क्यूँ उन्हें बुलेट पॉइंट्स कहते हैं?(हँसी) 0:02:41.332,0:02:43.700 बुलेट क्या करती हैं? बुलेट मारती हैं, 0:02:43.700,0:02:46.012 और आपके प्रस्तुति को मार देती हैं| 0:02:46.012,0:02:50.191 इस तरह की स्लाइड सिर्फ उबाऊ ही नहीं बल्कि बहुत ज्यादा 0:02:50.191,0:02:53.918 मस्तिस्क के भाषा वाले भाग पर निर्भर हैं, और हमे अभिभूत कर देती हैं| 0:02:53.918,0:02:57.822 इसकी जगह, उदाहरण के लिए Genevieve Brown की स्लाइड 0:02:57.822,0:03:00.704 कहीं ज्यादा असरदायक हैं| यह दिखाती हैं कि trabeculae की 0:03:00.704,0:03:04.368 विशिष्ट सरंचना बहुत मजबूत हैं जिसने असल में एफिल टॉवर 0:03:04.368,0:03:07.223 की अद्वितीय रचना के लिए प्रेरित किया| 0:03:07.223,0:03:10.903 और यहाँ तरकीब हैं एक, पठनीय वाक्य 0:03:10.903,0:03:13.955 जो श्रोता पकड़ सकते हैं अगर वो खो जाये, 0:03:13.955,0:03:17.233 और फिर दृश्य दिखाये जो दूसरी इन्द्रियों को आकर्षक लगे 0:03:17.233,0:03:19.647 और एक बेहतर समझ बनाये 0:03:19.647,0:03:21.286 जो बतायी जाने वाली चीज़ के बारे में| 0:03:21.286,0:03:24.136 तो मैं सोचती हूँ कि यह सिर्फ कुछ महत्वपूर्ण बाते हैं जो सहायता 0:03:24.136,0:03:27.658 कर सकती हैं हम सभी को उस दरवाज़े को खोलने और वंडरलैंड देखने के लिए 0:03:27.658,0:03:29.874 जो कि विज्ञान और अभियांत्रकी हैं| 0:03:29.874,0:03:32.323 और क्यूंकि अभियांत्रिक जिनके साथ मैंने काम किया हैं 0:03:32.323,0:03:36.123 मुझे सिखाया कि अपने अंदर के पढ़ाकू के साथ संपर्क में रहूँ| 0:03:36.123,0:03:39.076 संक्षेप में इसे मैं एक समीकरण के रुपे में बताउंगी|(हँसी) 0:03:39.076,0:03:43.321 अपना विज्ञान लीजिए, उसमे से बुलेट पॉइंट्स और शब्दजाल 0:03:43.321,0:03:46.099 घटाईये और इसे प्रासंगिकता से विभाजित कीजिये, 0:03:46.099,0:03:48.546 मतलब कि जो श्रोता के प्रांसगिक हैं वो बताईये, 0:03:48.546,0:03:51.337 और इसे अपने उस उत्साह से गुना कीजिये जो 0:03:51.337,0:03:53.560 आपमें आपके बेहतरीन काम के बारे में हैं, 0:03:53.560,0:03:56.338 और एक बेहतरीन वार्तालाप के बराबर होगा 0:03:56.338,0:03:58.812 जो समझ से भरा हुआ हैं| 0:03:58.812,0:04:02.274 और, वैज्ञानिक और अभियांत्रिक, जब आप ये समीकरण 0:04:02.274,0:04:07.370 हल कर ले, बेशक, मुझसे पढ़ाकू बाते करिये| 0:04:07.370,0:04:13.443 धन्यवाद(अभिवादन)