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← डेनिस होंग: मेरी रोबोट की सात प्रजातियाँ

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Showing Revision 1 created 09/03/2011 by Omprakash Bisen.

  1. तो, पहला रोबोट जिसके बारे में बात करेंगे वो STriDER है |
  2. इसका पूरा नाम Self-excited
  3. Tripedal Dynamic Experimental Robot है |
  4. यह ऐसा रोबोट है जिसके तीन पैर हैं,
  5. जो प्रकृति से प्रेरित है |
  6. लेकिन आपने प्रकृति में कोई भी
  7. पशु देखा हैं जिसके तीन पैर हो?
  8. शायद नहीं | तो, क्यों मैं इसे
  9. जैविक-प्रेरित कहता हूँ? यह कैसे काम करता है?
  10. लेकिन इसके पहले, चलिए पॉप संस्कृति को देखते हैं |
  11. तो, आप एच जी वेल्स की वार ऑफ द वर्ल्डस उपन्यास और फिल्म के बारे जानते हैं |
  12. और जो आप यहाँ देख रहे वो एक लोकप्रिय
  13. वीडियो गेम है |
  14. परिकल्पना में वो परग्रही जीव को तीन पैरों वाले
  15. रोबोट के रूप में दिखाते हैं जो पृथ्वी को आंतकित करता है |
  16. लेकिन मेरा रोबोट, STriDER, इस तरह नहीं चलता |
  17. तो, यह असली गतीय अनुरूपण एनिमेशन है |

  18. मैं आपको दिखाने वाला हूँ कि यह रोबोट कैसे काम करता है |
  19. यह अपने शरीर को 180 डिग्री से पलटता है |
  20. यह गिरने से बचने के लिए दो पैरों के बीच से पैर को घुमाता है |
  21. तो, इस तरह यह चलता है | लेकिन जब आप हम इंसानों
  22. को देखते हैं, जो दो पैरों पर चलते हैं,
  23. आप असल में मांसपेशियों का उपयोग नहीं कर रहे हैं
  24. अपने पैर को उठाने और रोबोट की तरह चलने में | है ना?
  25. आप गिरने से बचने के लिए असल में अपना पैर घुमाते हैं,
  26. फिर से खड़े हो जाइये, पैर घुमाइए और गिरने से बचिये |
  27. अपने अंदर की गतिकी का उपयोग करके, आपके शरीर का भौतिक विज्ञान,
  28. किसी पेंडुलम की तरह |
  29. हम इसे निष्क्रिय गतिकी चाल(passive dynamic locomotion) कहते हैं |
  30. आप क्या कर रहे हैं, जब आप खड़े होते हैं,
  31. स्थितिज ऊर्जा से गतिज ऊर्जा,
  32. स्थितिज ऊर्जा से गतिज ऊर्जा |
  33. यह लगातार गिरने की प्रक्रिया है |
  34. तो, फिर भी प्रकृति में ऐसा कुछ नहीं है जो ऐसा दिखता हो,
  35. सच में हम जीव विज्ञान से प्रेरित थे
  36. और चलने के सिद्धांतों को इस रोबोट पर
  37. लागू कर रहे थे, इस तरह यह जीव विज्ञान से प्रेरित रोबोट है |
  38. आप जो यहाँ देख रहे हैं, यह हम आगे करना चाहते हैं |

  39. लंबी दुरी की गति के लिए हम पैरों को मोड़ना और ऊपर फेंकना चाहते हैं |
  40. जब यह पैर फैलाता है, यह बिल्कुल स्टार वार्स की तरह दिखता है |
  41. जब यह नीचे आता है, यह झटके को सह लेता है और चलना शुरू कर देता है |
  42. आप जो यहाँ देख रहे हैं, यह पीली चीज़, यह मारने वाली किरणे नहीं है |
  43. यह सिर्फ आपको यह दिखाने के लिए है कि अगर आपके पास कैमरा है
  44. या विभिन्न तरह के सेंसर है
  45. क्युंकि यह ऊँचा है, इसकी ऊंचाई 1.8 मीटर है,
  46. तो अवरोधों को देख सकते हैं जैसे कि झाड़ीयां और उस तरह की चीज़े |
  47. तो हमारे पास दो नमूने हैं |

  48. पहला संस्करण, पीछे है, यह STriDER I है |
  49. जो सामने है, छोटा वाला, STriDER II है |
  50. STriDER I के साथ समस्या थी कि
  51. इसका शरीर भारी भरकम था | इसमें बहुत सारी मोटर्स थी,
  52. जोड़ो को एक रेखा में लाने के लिए, और इस तरह की चीज़ों के लिए |
  53. तो, हमने एक यांत्रिक तंत्र बनाने का निश्चय किया
  54. जिससे हम सारी मोटर्स से छुटकारा पा सके, और एक मोटर के साथ
  55. हम सभी चालो को समायोजित कर सके |
  56. यह समस्या का यांत्रिक हल था, बजाय मेकाट्रानिक्स(mechatronics) इस्तेमाल करने के |
  57. तो, अब इसके साथ, शरीर का उपरी भाग इतना हल्का है कि यह प्रयोगशाला में चल सकता है |
  58. यह सर्वप्रथम सफल कदम था |
  59. लेकिन अभी भी परिपूर्ण नहीं था, इसकी काफी नीचे गिर जाती है,
  60. तो अभी भी हमे बहुत काम करना है |
  61. दूसरा रोबोट जिसके बारे में मैं बात करना चाहता हूँ उसका नाम IMPASS है |

  62. इसका पूरा नाम Intelligent Mobility Platform with Actuated Spoke System है |
  63. तो, यह पहिये के पैरों वाला संकरित रोबोट है |
  64. तो, बिना रिम के पहिये के बारे में सोचिये,
  65. या स्पोक वाले पहिये के बारे में |
  66. लेकिन स्पोक जो स्वतंत्र रूप से धुरी के अंदर बाहर जा सकते हैं |
  67. तो यह पहिये के पैरों वाला संकरित है |
  68. हम यहाँ सच में पहिये का फिर से अविष्कार कर रहे हैं |
  69. मुझे दिखाने दीजिए कि यह कैसे काम करता है |
  70. तो, इस वीडियो में हम एक पद्धति का उपयोग कर रहे हैं
  71. जिसका नाम प्रतिक्रियाशील पद्धति है |
  72. सिर्फ पैरों में एक स्पर्शनीय सेंसर का उपयोग करके,
  73. यह एक बदलते क्षेत्र में चलने की कोशिश कर रहा है,
  74. एक मुलायम क्षेत्र जहाँ यह नीचे की ओर धकेलता है और बदलता है
  75. और सिर्फ स्पर्श की सुचना के आधार पर
  76. यह सफलतापूर्वक इस तरह के क्षेत्रो को पार कर लेता है |
  77. लेकिन, जब इसका सामना एक कठिन क्षेत्र से होता है,

  78. जैसे इस वक्त, अवरोध की ऊंचाई रोबोट की ऊंचाई से
  79. तीन गुणा ज्यादा है,
  80. तब यह सुविचारित प्रणाली में बदल जाता है,
  81. जहाँ लेसर दुरी मापक और कैमरो के तंत्र
  82. का उपयोग करता है, अवरोध और उसके आकार को जानने के लिए,
  83. और यह सावधानी से स्पोक की चालो के लिए योजना बनाता है,
  84. और इसे संयोजित करता है जिससे यह दिखा सकता है
  85. एक बहुत ज्यादा प्रभावित करने वाली गतिशीलता |
  86. शायद आपने ऐसा कुछ पहले देखा नहीं होगा |
  87. यह एक बहुत गतिशील रोबोट है
  88. जिसे हमने बनाया है, जिसका नाम IMPASS है |
  89. क्या यह अच्छा नहीं है?
  90. जब आप अपनी कार चलाते हैं,

  91. जब आप कार को मोड़ते हैं, आप एक तरीका इस्तेमाल करते है
  92. जिसका नाम Ackermann steering है |
  93. आगे का चक्का इस तरह से घूमता है |
  94. बहुत से छोटे चक्को वाले रोबोट के लिए
  95. differential steering नाम की प्रणाली का उपयोग करते है
  96. जिसमे बाये और दाहिने तरफ के चक्के विपरीत दिशा में मुड़ते है |
  97. IMPASS को हम बहुत से विभिन्न तरह से चला सकते है |
  98. उदाहरण के लिए, जैसे यहाँ पर, बाये और दाहिने चक्के एक ही धुरी से जुड़े हुए है
  99. फिर भी, सामान वेग के कोण से घूम रहे है |
  100. हम सिर्फ स्पोक की लंबाई बदल देते है |
  101. यह व्यास पर प्रभाव डालती है, और तब बाये ओर मुड़ती है, दाहिने ओर मुड़ती है |
  102. तो, यह सिर्फ उन बेहतरीन चीजों का उदाहरण है जो
  103. हम IMPASS के साथ कर सकते है |
  104. इस रोबोट का नाम CLIMBeR है,

  105. Cable-suspended Limbed Intelligent Matching Behavior Robot |
  106. तो, NASA JPL के वैज्ञानिको से मेरी बाते होती रहती थी,
  107. JPL में वो Mars rovers के लिए प्रसिद्ध है |
  108. और वैज्ञानिक, भूवैज्ञानिक हमेशा मुझे बताते है
  109. कि असली रोमांचक विज्ञान,
  110. विज्ञान से भरी जगह, हमेशा चट्टानों पर होती है |
  111. लेकिन अभी के rovers वहां नहीं जा सकते |
  112. तो, उससे प्रेरित होकर हम एक रोबोट बनाना चाहते थे
  113. जो सरंचना वाले चट्टानों पर चढ़ सके |
  114. तो, यह CLIMBeR है |

  115. तो, यह क्या करता है, इसके तीन पैर हैं | यह देखना थोडा कठिन है,
  116. लेकिन इसके उपरी सिरे में एक घिरनी और तार है |
  117. और पैर रखने की सबसे अच्छी जगह को जानने की कोशिश करता है |
  118. और जब वास्तविक समय में यह जान जाता है
  119. यह बलो के वितरण की गणना करता है |
  120. कितना बल इसे लगाना पड़ेगा उस सतह पर
  121. ताकि यह झुके या फिसले नहीं |
  122. जब यह स्थिर हो जाता है अपना पैर उठाता है,
  123. और फिर घिरनी के सहारे, यह इन तरह की चीज़ो पर चढ सकता है |
  124. खोज और बचाव कार्यो के लिए भी |
  125. पांच साल पहले मैंने NASA JPL में वास्तव में काम किया है

  126. ग्रीष्म ऋतू के दौरान संकाय सहयोगी के रूप में |
  127. और उनके पास पहले से छै पैरों वाला LEMUR नामक रोबोट है |
  128. तो, यह असल में उस पर आधारित था. इस रोबोट का नाम MARS है,
  129. Multi-Appendage Robotic System | तो, यह छै पैरों वाला रोबोट है |
  130. हमने हमारा अनुकूलित चाल की योजना बनाने वाला बनाया |
  131. हमारे पास वास्तव में एक रोमांचक अंतरिक्ष उपकरण है |
  132. छात्र मज़ा करना पसंद करते है | और आप यहाँ देख सकते है कि
  133. यह बिना सरंचना के क्षेत्रो पर भी चलता है |
  134. यह खुरदुरे क्षेत्र पर चलने की कोशिश कर रहा है,
  135. रेतीली जगह,
  136. लेकिन रेत के कणो की नमी के आधार पर
  137. पैरों का जमीन में धसने वाला नमूना बदलता है |
  138. तो, इस तरह की चीजों को सफलतापूर्वक पार करने के लिए यह अपनी चाल को अनुकूलित करने की कोशिश करता है |
  139. और हाँ, यह कुछ मज़ाकिया चीज़े भी करता है, जैसा कि आप सोच सकते है |
  140. हमारी प्रयोगशाला में बहुत से दर्शक आते हैं |
  141. तो, जब दर्शक आते हैं, MARS कंप्यूटर तक चल के जाता है,
  142. टाइप करना शुरू करता है "नमस्ते, मेरा नाम MARS है "
  143. RoMeLa में आपका स्वागत है,
  144. वर्जीनिया टेक की Robotics Mechanisms Laboratory |
  145. यह रोबोट एक अमीबा रोबोट है |

  146. अब, हमारे पास तकनीकी विवरण में जाने के लिए पर्याप्त समय नहीं है,
  147. मैं सिर्फ आपको कुछ प्रयोग दिखाऊंगा |
  148. तो, यह प्रारंभिक संभावना परखने के प्रयोग हैं |
  149. इसे चलाने के लिए हम इसकी लचीली त्वचा में स्थितिज ऊर्जा को संचित करते हैं |
  150. या इसे चलाने के लिए तनाव वाली सक्रीय डोरी का उपयोग करते है
  151. आगे और पीछे | इसका नाम ChIMERA है |
  152. हम UPenn के कुछ वैज्ञानिको और अभियांत्रिको के
  153. साथ भी काम कर रहे हैं
  154. इस रोबोट के रासायनिक रूप से सक्रीय संस्करण
  155. को बनाने के लिए |
  156. हम कुछ का कुछ करते है
  157. और जादू की तरह, यह चलता है, एक बूंद |
  158. यह रोबोट काफी नयी योजना है | इसका नाम RAPHaEL है |

  159. Robotic Air Powered Hand with Elastic Ligaments |
  160. बाज़ार में बहुत से बेहतरीन और बहुत अच्छे रोबोटिक हाथ है |
  161. समस्या यह है कि वो बहुत महंगे है, हज़ारो डालर्स |
  162. तो, कृत्रिम उपयोगों के लिए यह व्यावहारिक नहीं है,
  163. क्युंकि यह सस्ता नहीं है |
  164. हम इस समस्या का सामना एक बहुत अलग दिशा में करना चाहते थे |
  165. बिजली की मोटर की जगह, electromechanical actuators,
  166. हम संकुचित हवा का उपयोग कर रहे है |
  167. हमने जोड़ो के लिए उत्तम actuators बनाये है |
  168. यह सम्मत है | आप वास्तव में बल को बदल सकते है,
  169. बस हवा का दबाव बदल कर |
  170. और वास्तव में यह सोडा के खाली डब्बे को दबा सकता है |
  171. यह बहुत नाजुक चीज़े जैसे कि कच्चे अंडे को उठा सकता है |
  172. जैसे यहाँ पर, बिजली का बल्ब |
  173. सबसे अच्छी बात, इसके पहले नमूने को बनाने में सिर्फ 200 डालर खर्च हुए |
  174. यह रोबोट वास्तव में सर्प रोबोट्स का परिवार है

  175. जिसे हम HyDRAS कहते है,
  176. Hyper Degrees-of-freedom Robotic Articulated Serpentine |
  177. यह रोबोट विभिन्न सरंचनाओ पर चढ सकता है |
  178. यह HyDRAS का हाथ है |
  179. यह 12 अंश तक घूमने वाला रोबोटिक हाथ है |
  180. लेकिन प्रयोगकर्ता से संबंध इसकी और भी अच्छी बात है |
  181. वहाँ पर वो तार, वो एक ऑप्टिकल फाइबर है |
  182. और यह छात्रा, शायद इसे पहली बार उपयोग कर रहा है,
  183. लेकिन वो इसे विभिन्न तरीको से उपयोग कर सकती है |
  184. तो, उदाहरण के लिए इराक में, आप जानते है, युद्ध क्षेत्र,
  185. वहाँ सड़को के किनारे बम है, अब आप इस
  186. दूर से नियंत्रित वाहन को जो कि सशस्त्र है भेजिए |
  187. इसमें बहुत समय लगता है और यह महंगा है
  188. चालक को इस जटिल रोबोट को चलाने के परीक्षण देने के लिए |
  189. यहाँ पर यह काफी सहज है |
  190. यह छात्र, शायद पहली बार इसे उपयोग कर रहा है, एक जटिल हस्त कौशल का काम कर रहा है,
  191. चीज़ों को उठाने में
  192. बस ऐसे ही, बहुत सहज |
  193. अब, यह रोबोट हमारा स्टार रोबोट है |

  194. DARwIn रोबोट के लिए वास्तव में हमारा एक प्रशंसक संघ भी है,
  195. Dynamic Anthropomorphic Robot With Intelligence |
  196. जैसे कि आप जानते हैं हमे काफी रूचि है
  197. मानवीय रोबोट में, मानवों की तरह चलने में,
  198. तो हमे निश्चय किया एक छोटा मानवीय रोबोट बनाने का |
  199. यह 2004 में, उस समय
  200. यह सच में बहुत क्रांतिकारी था |
  201. यह मुख्यत: इसकी संभावना का अध्धयन था,
  202. किस तरह की मोटर हमे उपयोग करनी चाहिए?
  203. क्या संभव है? किस तरह के नियंत्रण हमे करने चाहिए?
  204. तो, इसमें कोई भी सेंसर नहीं है |
  205. तो, यह एक ओपन लूप नियंत्रण है |
  206. आप में से कुछ जो शायद जानते हैं कि क्या होता जब कोई सेंसर ना हो
  207. और कुछ गड़बड़ी हो, आप जानते क्या होता है |
  208. (हँसी)
  209. तो, हमारी सफलता के आधार पर, अगले साल

  210. हमने उचित यांत्रिकी डिजाईन की
  211. kinematics से शुरू करके |
  212. और ऐसे, 2005 में DARwIn का जन्म हुआ |
  213. यह खड़ा होता है | चलता है, बहुत प्रभावी है |
  214. हालांकि, अभी भी, जैसे आप देख सकते हैं,
  215. इसकी एक गर्भनाल है | तो, अभी भी हम बाहरी ऊर्जा स्त्रोत का उपयोग कर रहे है,
  216. और बाहरी संगणना |
  217. तो, 2006 में, अब समय था वास्तव में मज़े लेने का |

  218. चलिए इसे बुद्धिमत्ता देते है | हम इसे वो कंप्यूटर की शक्ति देंगे जिसकी इसे जरुरत है,
  219. 1.5 gigahertz Pentium M chip,
  220. दो Firewire कैमरा, आठ gyros, accelerometer,
  221. पैरों पर चार आघूर्ण सेंसर, लिथियम बैटरी |
  222. और अब DARwIn II पूरी तरह से स्वचालित है |
  223. यह दूर से नियंत्रित नहीं है |
  224. वहाँ कुछ बंधा हुआ है | यह आसपास देखता है, गेंद को खोजता है,
  225. आसपास देखता है, गेंद खोजता है, और यह फूटबाल खेलने की कोशिश करता है,
  226. स्वचालित, कृत्रिम बुद्धि |
  227. चलिए देखे यह कैसे काम करता है | यह हमारा पहला परीक्षण था,
  228. और [वीडियो: गोल !]
  229. तो, वास्तव में एक RoboCup नाम की प्रतियोगिता है |

  230. मुझे नहीं पता आप में से कितनो को RoboCup के बारे में पता है |
  231. यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वचालित रोबोट फूटबाल प्रतियोगिता है |
  232. और RoboCup का लक्ष्य है, मुख्य लक्ष्य है,
  233. 2050 तक
  234. हम चाहते है कि पूरे आकार के स्वचालित मानवीय रोबोट्स
  235. इंसानी विश्व कप विजेता के खिलाफ फूटबाल खेले
  236. और जीते |
  237. यह असली लक्ष्य है, यह बहुत महत्वकांक्षी लक्ष्य है,
  238. लेकिन हमे सच में भरोसा है कि हम इसे कर सकते है |
  239. तो, चीन में पिछले साल |

  240. हम अमेरिका की पहली टीम थी जिसने स्थान प्राप्त किया
  241. मानवीय रोबोट प्रतियोगिता में |
  242. और इस साल, ऑस्ट्रिया में |
  243. आप इसे देखेंगे, तीन के खिलाफ तीन,
  244. पूरी तरह स्वचालित |
  245. हाँ !
  246. रोबोट खुद से खेलते है,
  247. समूह खुद के खिलाफ खेलते है |
  248. यह बहुत प्रभावशील है | यह वास्तव में अनुसंधान की प्रतियोगिता है
  249. एक ज्यादा रोमांचक प्रतियोगिता के रूप में |
  250. जो आप यहाँ देखते है, यह सुंदर है
  251. लुई वित्तों कप ट्राफी |
  252. तो, यह सबसे बेहतर मानवीय रोबोट के लिए है,
  253. और इस अमेरिका के लिए पहली बार जितना चाहेंगे,
  254. अगले साल, तो हमे दुआ दीजिए |
  255. धन्यवाद |
  256. (अभिवादन)
  257. DARwIn के पास और भी योग्यता है |

  258. पिछले साल इसने Roanoke Symphony Orchestra संचालित किया
  259. छुट्टी के कार्यक्रम में |
  260. यह अगली पीढ़ी का रोबोट है, DARwIn IV,
  261. लेकिन ज्यादा बुद्धिमान, ज्यादा तेज, ज्यादा मजबुत |
  262. और अपनी योग्यता दिखाने की कोशिश कर रहा है |
  263. "मैं मजबुत हूँ"
  264. मैं जैकी चेन की तरह युद्ध कला की कलाबाज़ी
  265. भी कर सकता हूँ |
  266. (हँसी)
  267. और अब यह जा रहा है | तो, यह DARwIn IV है,
  268. एक बार फिर, आप इसे लॉबी में देख सकेंगे |
  269. हमे सच में भरोसा है कि यह अमेरिका का पहला मानवीय
  270. दौड़ने वाला रोबोट होगा, तो, देखते रहिये |
  271. ठीक है, तो मैं आपको हमारे कुछ रोमांचक रोबोट्स दिखाए |

  272. तो, हमारी सफलता का रहस्य क्या है?
  273. ऐसे विचार हमे कहाँ से आते है?
  274. इस तरह के विचारों का हम निर्माण कैसे करते है?
  275. हमारे पास पूरी तरह से स्वचालित वाहन है
  276. जो शहरी परिवेश में चल सकती है | हमने पांच लाख डालर जीते थे
  277. DARPA Urban प्रतियोगिता में |
  278. हमारे पास विश्व की पहला वाहन भी है जिसे
  279. एक दृष्टीविहीन व्यक्ति चला सकता है |
  280. हमे इसे दृष्टीविहीन चालक प्रतियोगिता कहते है, बहुत रोमांचक,
  281. और बहुत सी रोबोटिक परियोजनाए जिनके बारे में मैं बात करना चाहता हूँ |
  282. यह वो पुरस्कार है जो हमने में 2007 जीते थे,
  283. रोबोटिक प्रतियोगिता और इसी तरह की प्रतियोगिता में |
  284. तो, वास्तव में हमारे पांच रहस्य है |

  285. पहला हमे कहाँ से प्रेरणा मिलती है,
  286. कहाँ से हमे कल्पना की शक्ति मिलती है?
  287. यह सच्ची कहानी है, मेरी व्यक्तिगत कहानी |
  288. रात में जब मैं सोने जाता हूँ, सुबह के 3 या 4 बजे,
  289. लेट जाता हूँ, आँखे बंद करता हूँ, और मैं रेखाए और वृत्त देखता हूँ
  290. और विभिन्न आकार तैरते हुए,
  291. और वो जुड़ते है, और वे इस तरह का तंत्र बनाते है |
  292. तब मैंने सोचा " आह यह अच्छा है"
  293. तो, मैंने बिस्तर के पास ही एक नोटबुक रखता हूँ,
  294. एक पत्रिका, एक विशिष्ट पेन के साथ जिस पर लाईट लगी हुई है, LED लाईट,
  295. क्युंकि क्युंकि मैं लाईट जला कर अपनी पत्नी को नहीं जगाना चाहता |
  296. तो, मैंने इसे देखता हूँ, सब लिखता हूँ, चित्र बनाता हूँ,

  297. और फिर सोता हूँ |
  298. हर दिन सुबह
  299. पहली चीज़ जो मैं काफी के पहले कप के पहले करता हूँ,
  300. मुंह धोने के पहले, अपनी नोटबुक खोलता हूँ |
  301. बहुत बार यह कोरी होती है,
  302. कभी कभी कुछ होता है तो कभी यह बेकार होता है,
  303. लेकिन ज्यादातर मैं अपनी ही लिखाई नही पढ़ पाता |
  304. और, सुबह के 4 बजे और क्या आशा रख सकते है, हैं ना ?
  305. तो, मुझे समझने की जरुरत है कि मैंने क्या लिखा है |
  306. लेकिन कभी कभी मैं शानदार विचार वहाँ देखता हूँ,
  307. और मेरा उरेका(eureka) पल होता है |
  308. मैं सीधे अपने घर के कार्यालय में जाता हूँ, अपने कंप्यूटर पर बैठता हूँ,
  309. अपने विचार लिखता हूँ, चित्र बनाता हूँ,
  310. और अपने विचारों का संग्रह रखता हूँ |
  311. तो, जब हमे प्रस्ताव देने होते हैं
  312. मैं एक समानता खोजने की कोशिश करता हूँ
  313. मेरे संभावित विचारों
  314. और समस्या में, अगर कोई समानता होती है तो हम शोध के लिए प्रस्ताव लिखते है,
  315. शोध के लिए धन प्राप्त करते है, और इस तरह हम अपना शोध कार्य आरंभ करते है |
  316. लेकिन सिर्फ कल्पना ही काफी नहीं है |

  317. हम इस तरह के योजनाओं का निर्माण कैसे करे?
  318. हमारी प्रयोगशाला RoMeLa में, Robotics Mechanisms Laboratory,
  319. हम विचारों के आदान प्रदान का शानदार सत्र करते है |
  320. तो, हम साथ में आते है, और समस्या और सामाजिक समस्या के बारे
  321. चर्चा करते है और बाते करते है |
  322. लेकिन शुरू करने से पहले हम ये नियम बनाते है |
  323. नियम है कि:
  324. कोई किसी के विचार की आलोचना नहीं करेगा |
  325. कोई किसी के राय की आलोचना नहीं करेगा |
  326. यह महत्वपूर्ण है, क्युंकि ज्यादातर वक्त, छात्र, वो डरते हैं
  327. या वो असुविधाजनक महसूस करते है कि दूसरे क्या सोचेंगे
  328. उनकी राय या विचारों के बारे में |
  329. तो, जब आप यह करते हैं, यह अद्भुत है

  330. कि छात्र कैसे खुल जाते है |
  331. उनके पास अजीब अच्छे सनकी बुद्धिमान विचार होते हैं,
  332. पूरे कमरे में एक सकारत्मक ऊर्जा होती हैं |
  333. और इस तरह हम अपनी योजनाएं बनाते है |
  334. अच्छा, हमारे पास समय की कमी है, एक और चीज़ जिसके बारे में मैं बात करना चाहूँगा

  335. आप जानते है, सिर्फ विचारों का आना और उनका निर्माण काफी नहीं है |
  336. एक बहुत अच्छा TED से जुड़ा पल है,
  337. मुझे लगता है वो सर केन रोबिनसन थे, क्या वे थे?
  338. उन्होंने एक बहुत अच्छा व्याख्यान दिया था कि
  339. कैसे शिक्षा और स्कुल रचनात्मकता को खत्म करते हैं |
  340. वास्तव में कहानी के दो नज़रिए होते हैं |
  341. तो, सिर्फ इतना ही है जो कोई कर सकता है
  342. एक बेहतरीन विचार के साथ
  343. और रचनात्मकता और अच्छे अभियांत्रिकी सहज ज्ञान के साथ |
  344. अगर थोड़े बहुत काम से आगे जाना चाहते हैं तो,
  345. अगर रोबोटिक के शौक से आगे जाना चाहते हैं तो
  346. और रोबोटिक के बड़ी चुनौती से निपटना चाहते है तो
  347. कठोर शोध के बाद भी
  348. हमे उससे ज्यादा करना पड़ेगा, और यहाँ स्कुल का महत्व है |
  349. बैटमेन, बुरे लोगो के खिलाफ लड़ता हुआ,

  350. उसके पास सामान वाली बेल्ट है, बांधने वाला हुक है,
  351. उसके पास विभिन्न प्रकार के औज़ार हैं |
  352. हमारे लिए रोबोट विशेषज्ञ, अभियंता और वैज्ञानिक,
  353. यह औज़ार, यह विषय और सबक जो कक्षा में लेते है |
  354. गणित, अवकल समीकरण |
  355. मैंने रेखीय बीजगणित, विज्ञान, भौतिक सिखा था,
  356. यहाँ तक कि अब, रसायन शास्त्र और जीवविज्ञान, जैसा कि आप देख सकते हैं |
  357. और यहीं वो सब औज़ार जिनकी हमे जरूरत हैं |
  358. तो, जितने ज्यादा औज़ार होंगे, बैटमेन के लिए
  359. उतना ही प्रभावशाली ही होगा बुरे लोगो से लड़ना,
  360. हमारे लिए, ज्यादा औज़ार इस तरह की समस्या से लड़ने के लिए |
  361. तो, शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है |
  362. और, यह इसके बारे में नहीं है,

  363. सिर्फ इसके बारे, आपको हमेशा बहुत कड़ी मेहनत करनी होगी |
  364. तो, मैं अपने छात्रों से हमेशा कहता हूँ
  365. चतुरता से काम करिये, फिर कड़ी मेहनत करिये |
  366. यह पीछे का चित्र सुबह के 3 बजे का हैं |
  367. मैं दावा करता हूँ अगर आप हमारी प्रयोगशाला में सुबह 3 या 4 बजे आयेंगे
  368. वहाँ छात्र काम करते रहेंगे,
  369. इसलिए नहीं कि मैंने उनसे कहा है, बल्कि इसलिए क्युंकि हम बहुत मज़े कर रहे हैं |
  370. जो आखिरी विषय की तरफ ले जाता है |
  371. मज़े करना मत भूलिए |
  372. यह वास्तव में हमारी सफलता का रहस्य है, हम बहुत मज़े कर रहे हैं |
  373. मैं सच में विश्वास करता हूँ सबसे ज्यादा उत्पादकता तब होती है जब आपको मज़ा आ रहा हो |
  374. और हम यहीं कर रहे हैं |
  375. आप सभी का बहुत धन्यवाद |
  376. (अभिवादन)