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← असंभव करना, डर पर विजय प्राप्त करना

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75 Languages

Showing Revision 6 created 10/16/2017 by Arvind Patil.

  1. आपका धन्यवाद।

  2. एक बार हिन्दुस्तान में राजा था , महाराजा,
    उसने ने अपने जन्मदिन पर राजाज्ञा निकाली ।
  3. कि राज्य के सभी प्रमुख नेता राजा
    के लिये उपयुक्त भेंट लॉंए.
  4. कई अच्छे रेशम लाए, कई आकर्षक तलवारें लाए
  5. कई सोना लाए।
  6. कतार के अंत में झुर्रियों युक्त एक
    बहुत वृद्ध आदमी चलते हुए आया
  7. जो कई दिन की समुद्री यात्रा कर,
    अपने गॉंव से चल कर आया था।
  8. जब वह आया , राजकुमार ने पूछा,
    "आप क्या उपहार लाए हो?"
  9. और बूढ़े आदमी ने बहुत धीरे से
    दिखाने के लिए अपना हाथ खोला
  10. एक बहुत ही सुंदर शंख, बैंगनी और
    पीली, लाल व नीली रंग रेखा वाला ।
  11. और राजकुमार ने कहा,
  12. "राजा के लिये ऐसी भेंट? यह कैसा उपहार है?"
  13. बूढ़े आदमी ने धीरे से उसकी
    ओर देखा और कहा,
  14. "लम्बी यात्रा उपहार का हिस्सा है।"
  15. (हँसी)
  16. कुछ ही क्षणों में, मैं आपको एक
    उपहार देने वाला हूं,
  17. मेरा मानना है ऐसा उपहार
    प्रचारित होना चाहिए ।
  18. लेकिन उससे पहले, मैं तुम्हें
  19. अपनी लम्बी सैर पर ले चलता हूँ।
  20. आप में से अधिकांश की तरह,
  21. मेरा जीवन छोटे बच्चे सा शुरू हुआ।
  22. आप में कितनों ने छोटे बच्चे सा
    जीवन शुरू किया?
  23. युवा पैदा हुए थे?
  24. लगभग आप में से आधे लोग, ठीक है
  25. (हँसी)
  26. और आप बाकी, क्या?
    आप पूर्ण विकसित पैदा हुए थे?
  27. वाह, मैं आपकी माँ से मिलना चाहता हूँ!
  28. असंभव की बात करो!
  29. जब मैं छोटा बच्चा था, मेरा आकर्षण
    आलौकिक चीज़ों को करने में था
  30. आज के दिन का मुझे कई वर्षों
    से इंतज़ार रहा है
  31. क्योंकि आज मैं प्रयास करने जा रहा हूँ
  32. आपकी आंखों के सामने एक
    असम्भव क्रिया करने जा रहा हूँ,
  33. यहाँ टेडएक्स मास्ट्रिच पर।
  34. मैं शुरू करने वाला हूँ
  35. अंत दिखा कर :
  36. और मैं तुम्हें साबित करने वाला हूँ
  37. यह असंभव असंभव नहीं है।
  38. व मैं आपको एक प्रसारनीय उपहार
    देकर समाप्त करने जा रहा हूँ:
  39. मैं आपको दिखाऊंगा कि स्वयं
    जीवन में असंभव कर सकते हैं।
  40. असंभव करने की अपनी खोज में,
    मैंने पाया है कि
  41. दुनिया भर के लोगों में
    दो चीजें सार्वभौमिक हैं।
  42. सब लोगों में भय है,
  43. और सब सपने देखते हैं।
  44. असम्भव करने की इस खोज में
    मैंने तीन चीज़ें पायी हैं
  45. जिनकी मैंने सालों साल साधना की
  46. उनकी वजह से मैं असम्भव क्रियाएं कर पाया:
  47. चकमा गेंद , या आप इसे "ट्रेफबल"
    कह सकतें हैं,
  48. महामानव ,
  49. और मच्छर।
  50. वे मेरे तीन कुंजी शब्द हैं।
  51. अब तुम्हें पता है मैं अपने जीवन में
    असंभव क्यों करता हूँ।
  52. अतः मैं आपको अपनी यात्रा पर
    ले जाने वाला हूँ, मेरी लंबी सैर,
  53. भय से सपनों तक,
  54. शब्दों से तलवार तक,
  55. चकमा गेंद से
  56. महामानव तक
  57. मच्छर तक।
  58. व मुझे आपको दिखाने की आशा है
  59. कि कैसे आप अपने जीवन में
    असंभव कर सकते हैं।
  60. 4 अक्टूबर, 2007
  61. मेरा दिल दौड़ रहा था,
    मेरे घुटने हिल रहे थे
  62. जैसे ही मैंने मंच पर कदम रखा
  63. सैंडर्स रंगमंच पर
  64. हार्वर्ड विश्वविद्यालय में स्वीकारने हेतु
  65. मेडिसिन में वर्ष 2007 का
    इग नोबेल पुरस्कार
  66. बतौर सह लेखक एक चिकित्सा शोध पत्र के लिए
  67. जिसका शीर्षक है "तलवार निगलना ...
  68. ... और इसके दुष्प्रभाव"।
  69. (हँसी)
  70. यह छोटी सी पत्रिका जो मैंने कभी
    नहीं पढ़ी थी में प्रकाशित किया गया,
  71. ब्रिटिश मेडिकल जर्नल।
  72. और मेरे लिए एक असंभव सपना सच होने जैसा था,
  73. यह मेरे जैसे किसी के लिए एक
    अप्रत्याशित आश्चर्य था,
  74. यह एक सम्मान की बात जिसे मैं
    बिल्कुल कभी नहीं भूलूँगा।
  75. लेकिन यह मेरे जीवन का सबसे
    यादगार हिस्सा नहीं था।
  76. 4 अक्टूबर, 1967 में,
  77. यह भयभीत, शर्मीला, दुबला-पतला, कायर बच्चा
  78. अत्यधिक भय से पीड़ित था।
  79. जैसे ही वह मंच पर कदम रखने को तैयार हुआ,
  80. उसका दिल दौड़ रहा था,
  81. उसके घुटने हिल रहे थे।
  82. वह बोलने हेतु अपना मुंह खोलने के लिए गया,
  83. शब्द बस बाहर ही नहीं निकले।
  84. वह आँसू बहाता कंकंपाते हुए वहाँ खड़ा रहा।
  85. वह आतंक में शक्तिहीन हो गया,
  86. भय से जम सा गया।
  87. यह भयभीत, शर्मीला, दुबला-पतला, कायर बच्चा
  88. अत्यधिक भय से पीड़ित था।
  89. वह डरता था अँधेरे से,
  90. ऊँचाईयों से,
  91. मकड़ियों और साँपों से ...
  92. आप में से कोई मकड़ियों और
    साँपों से डरते हैं?
  93. हाँ, आप में से कुछ ...
  94. वह डरता था पानी और शार्क से...
  95. डॉक्टरों और नर्सों और दंत चिकित्सकों से,
  96. और सुइयों और बेधनीऔर तेज वस्तुओं से।
  97. सब से बढ़ कर उसे भय था
  98. लोगों से।
  99. वह भयभीत, शर्मीला, दुबला-पतला, कायर बच्चा
  100. मैं था।
  101. मुझे असफलता और अस्वीकृति का डर था,
  102. कम आत्मसम्मान का, हीन भावना का
  103. और कुछ जिसका हमें तब पता भी
    नहीं था कि यह भी हो सकता था
  104. सामाजिक व्याकुलता विकार।
  105. क्योंकि मुझे भय था कि धौंसिया लोग
    मुझे तंग करेंगे व पीटेंगे।
  106. वे हँसा करते व मुझे गालियाँ निकालते,
    वे मुझे नहीं खेलने देते थे अपने किसी
  107. बारहसिंघा खेल में।
  108. आह, एक खेल था जिसमें वे मुझे
    खेलने देते थे।
  109. चकमा गेंद -
  110. और मैं एक अच्छा चकमेबाज़ नहीं था।
  111. बदमाश मेरा नाम पुकारते,
  112. और मैं ऊपर देखता और इन लाल
    चकमा गेंदों को देखता
  113. सुपरसोनिक गति से मेरे चेहरे पर
    सनसनाते हुए।
  114. बेम, बेम, बेम!
  115. और मुझे बहुत दिनों स्कूल से घर
    पैदल चलना याद है,
  116. मेरा चेहरा लाल और चुभन वाला था,
    मेरे कान लाल और बजते हुए थे।
  117. मेरी आँखें आँसुओं से जल रही थीं ,
  118. और उनके शब्द मेरे कानों में जल रहे थे।
  119. और जिसने भी कहा,
  120. "लाठी व पत्थर मेरी हड्डियां तोड़ सकते हैं
    पर शब्द मुझे कभी चोट नहीं पहुंचाएंगे "
  121. यह झूठ है।
  122. शब्द चाकू की तरह काट सकते हैं।
  123. शब्द एक तलवार की तरह छेद कर सकते हैं।
  124. शब्द इतने गहरे घाव बना सकते हैं
  125. कि वे दिखाई भी न दें।
  126. इसलिए मुझे भय था।
    और शब्द मेरे सबसे बड़े दुश्मन थे।
  127. अभी भी हैं।
  128. लेकिन मेरे सपने भी थे।
  129. मैं घर जाता और मैं सुपरमैन
    कॉमिक्स से बचता
  130. और मैं सुपरमैन कॉमिक पुस्तकें पढ़ता
  131. और मैं सुपरमैन की तरह एक सुपर
    हीरो बनने के सपने देखता।
  132. मैं, सत्य और न्याय के लिए लड़ना चाहता था,
  133. मैं, खलनायक और क्रिप्टोनाईट
    से लड़ना चाहता था
  134. मैं अलौकिक काम करते व जिंदगियां बचाते हुए
    दुनिया भर में वायु यान से उड़ना चाहता था।
  135. मुझे असली चीज़ों का सम्मोहन था।
  136. मैंने गिनीज विश्व रिकार्ड व "रिप्ले
    की मानो या ना मानो" पुस्तकें पढ़ीं।
  137. आप में से किसी ने कभी
    गिनीज विश्व रिकार्ड पुस्तक या रिप्ले पढ़ा?
  138. मुझे उन पुस्तकों से प्यार है!
  139. मैंने असली लोगों को असली
    करतब करते देखा।
  140. व मैंने कहा, मैं वे करना चाहता हूँ।
  141. यदि धौंसियें मुझे न खेलने देंगे
  142. अपने किसी खेल में,
  143. मैं असली जादू, असली कारनामें
    करना चाहता हूँ।
  144. मैं असल में कुछ अदभुत करना है
    जो वे बदमाश नहीं कर सकते
  145. अपने जीवन उद्देश्य को ढूंढ़ना चाहता हूँ,
  146. मैं जानना चाहता हूँ कि
    मेरा जीवनअर्थपूर्ण है,
  147. मैं दुनिया को बदलने के लिए कुछ
    अतुल्य करना चाहता हूँ;
  148. मैं साबित करना चाहता हूँ-
    असंभव असंभव नहीं है।
  149. तेजी से जल्दी से हम 10 वर्ष
    आगे बढ़ते हैं -
  150. मेरे 21 जन्मदिन की सालगिरह का सप्ताह था
  151. दो ऐसी घटनाएं एक दिन घटी जिससे
    मेरा जीवन हमेशा के लिए बदल गया
  152. मैं तमिलनाडु, दक्षिण भारत में रह रहा था
  153. मैं वहाँ एक मिशनरी था,
  154. और मेरे गुरु, मेरे दोस्त ने मुझसे पूछा,
  155. "क्या आप के थ्रोम्स हैं, डेनियल?"
  156. और मैंने कहा,
    "थ्रोम्स, ये थ्रोम्स क्या है?"
  157. उन्होंने कहा, "थ्रोम्स, थ्रोम्स
    जीवन के प्रमुख लक्ष्य हैं।
  158. सपनों और लक्ष्य का संयोजन है, जैसे अगर तुम
  159. कुछ भी कर सकते, कहीं भी
    जा सकते और कुछ भी बन सकते
  160. और कुछ भी बन सकते
  161. तुम कहाँ जाओगे? तुम क्या करोगे?
  162. तुम क्या बनोगे ?
  163. मैंने कहा, "मैं वो नहीं कर सकता. मैं
    बहुत भयभीत हूँ? मुझे कई डर हैं!"
  164. उस रात मैं अपनी चावल चटाई
    बंगले की छत पर ले गया,
  165. सितारों के नीचे बिछा, लेट गया,
  166. देखा तो चमगादड़ मच्छरों पर
    लपेटी मार रहे थे ।
  167. और मैं सिर्फ मुख्य उद्देश्य, सपनों
    और लक्ष्यों के बारे में सोच रहा था
  168. और वे चकमा बाज़ गेंद वाले
    बदमाशों के बारे में।
  169. कुछ घंटे बाद मैं जब उठा।
  170. मेरा दिल दौड़ रहा था,
    मेरे घुटनें हिल रहे थे।
  171. इस बार यह डर से नहीं था।
  172. मेरा पूरा शरीर अंगसंगकोचित हो गया
  173. और अगले पांच दिनों के लिए
  174. मैं सचेत व बेहोशी की अवस्था बीच,
    मृत्युशय्या पर अपने जीवन हेतु लड़ रहा था।
  175. मेरा दिमाग 105 डिग्री मलेरिया
    बुखार से जल रहा था।
  176. और जब मैं सचेत था, मैं सिर्फ
    मुख्य उद्देश्य बारे सोचता
  177. मैंने सोचा," मैं अपने जीवन में
    क्या करना चाहता हूँ?"
  178. फिर मेरे 21वें जन्मदिन की
    सालगिरह की रात पर,
  179. स्पष्टता के एक पल में,
  180. मुझे एक प्रतीति हुई
  181. मुझे प्रकट हुआ की वो छोटा सा मच्छर
  182. एनोफेलेस स्टेफेंसी,
  183. छोटा सा मच्छर
  184. सिर्फ 5 माइक्रोग्राम वज़न से कम वज़न,
  185. नमक के एक दाने से कम,
  186. अगर वह मच्छर मुझ जैसे 170 पौंड,
    80 किलो व्यक्ति को ले सकता है,
  187. मैंने महसूस किया कि वो एक शक्तिमान था .
  188. तब मुझे एहसास हुआ, न, न, यह मच्छर नहीं है,
  189. मच्छर के अंदर थोड़ा परजीव है,
  190. प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम,जो सालभर में
    एक लाख से अधिक लोगों की मृत्यु का कारण है
  191. तब मुझे एहसास हुआ
    नहीं, नहीं, यह उससे भी छोटी है,
  192. लेकिन मेरे लिए, यह तो बहुत बड़ा लगा।
  193. मुझे एहसास हुआ,
  194. मुझे इस शक्तिमान से डर गया
  195. मेरा परजीव,
  196. जिसने मेरे पूर्ण जीवन को अपंग
    और शक्तिहीन बना दिया था।
  197. तुम्हें पता है, खतरे और
    डर के बीच एक अंतर है।
  198. खतरा वास्तविक है।
  199. डर एक विकल्प है।
  200. और मुझे लगा कि मेरे पास विकल्प था:
  201. मैं या तो भय में जी कर उस रात,
    विफलता की मौत मर सकता था,
  202. या भय को मार, अपने
  203. सपनों तक पहुँचने के लिए,
    मैं जीवन जीने की हिम्मत कर सकता था।
  204. और आप जानते हैं, अपनी मृत्युशय्या पर
    होने के बारे में कुछ है
  205. और मृत्यु का सामना, तुम्हे वास्तव में
    जीवन जीने की चाह दे देता है
  206. मुझे एहसास हुआ कि हर कोई मरता है,
    पर हर कोई वास्तव में जीता नहीं है।
  207. मृत्यु में ही जीवन है
  208. तुम्हें पता है,जब आप मरना सीख लेते हो
  209. तो आप को वास्तव में जीना आ जाता है।
  210. तो मैंने निर्णय लिया,
    मैं बदलने वाला था
  211. मेरी कहानी उस रात।
  212. मैं मरना नहीं चाहता था।
  213. तो मैंने प्रार्थना में कहा
  214. "भगवान, अगर आप मुझे मेरे 21वें
    जन्मदिन तक जीने दोगे,
  215. मैं डर को अपने जीवन पर
    राज नहीं करने दूंगा।
  216. मैं अपने सारे डर का नाश कर,
  217. अपने सपनों तक पहुँचने वाला हूँ,
  218. मैं अपने रवैये को बदलना चाहता हूँ ,
  219. मैं अपने जीवन में कुछ
    अदभुत करना चाहता हूँ,
  220. मुझे अपने उद्देश्य व पुकार की चाह है,
  221. मैं पता लगाना चाहता हूँ कि असम्भव
    असम्भव नहीं होता है।"
  222. मैं आपको नहीं बताऊंगा कि उस रात मैं
    जीवित रहा कि नहीं; उसका आप खुद पता लगाएं।
  223. (हँसी)
  224. लेकिन उस रात मैंने अपने पहले दस
    प्रमुख लक्ष्यों की सूची बनाई:
  225. मैंने फैसला किया मैं प्रमुख महाद्वीपों
    की यात्रा करना चाहता था
  226. दुनिया के 7 आश्चर्यों का दौरा
  227. अनेक भाषाओं को सीखना चाहता था,
  228. निर्जन द्वीप पर रहना चाहता था,
  229. सागर में जहाज पर रहना चाहता था,
  230. अमेज़न में आदिवासी जाति
    के साथ रहना चाहता था,
  231. स्वीडन में उच्चतम पर्वत की चोटी की
    चढ़ाई करना चाहता था
  232. मैं सूर्योदय पर माउंट एवरेस्ट
    देखना चाहता था,
  233. नैशविले में संगीत का कारोबार हो,
  234. मैं एक सर्कस में काम करना चाहता था,
  235. और मैं एक हवाई जहाज से कूदना चाहता था।
  236. अगले बीस वर्षों में मैंने उन में से
    कई मुख्य उद्देश्यों को पूरा किया।
  237. हर बार जब मैं अपनी सूची से
    उद्देश्य हटाता,
  238. मैं अपनी सूची मैं 5 या 10 अधिक जोड़ देता
    और मेरी सूची बढ़ती गई।
  239. अगले सात वर्षों के लिए, मैं बहामा में
    एक छोटे से द्वीप पर रहा था
  240. लगभग सात साल,
  241. एक छप्पर की झोपड़ी में,
  242. शार्क और एक विशाल मछली को मारकर
    खाने वाला, इस द्वीप पर केवल एकला मनुष,
  243. एक लंगोटी में.
  244. और मैंने शार्क के साथ तैरना सीखा।
  245. और वहाँ से, मैं मेक्सिको गया,
  246. और फिर मैं इक्वाडोर में
    अमेज़न नदी बेसिन गया,
  247. पूजो पांगो इक्वेडोर की एक
    आदिवासी जाति के साथ रहा,
  248. और धीरे धीरे इन मुख्य उद्देश्यों ने
    मेरा आत्म विश्वास बढ़ाया।
  249. मैं नैशविले में संगीत के कारोबार
    में लग गया, और फिर स्वीडन,
  250. स्टॉकहोम गया, वहां संगीत के
    कारोबार में काम किया,
  251. जहां मैं माउंट केबेन्केज़े की छोटी चढ़ा
    आर्कटिक सर्कल की ऊंचाई से भी ऊपर।
  252. मैंने दिल्लगी करना सीखा ,
  253. और करतब ,
  254. और पाबाँसा चलना,
  255. एक पहिए की गाड़ी सवारी,
    आग खाना, कांच खाना।
  256. 1997 में मैंने सुना तलवार निगलने वाले लोग
    एक दर्जन से कम बचे थे
  257. और मैंने कहा, "मुझे वह करना है !"
  258. मैं एक तलवार निगलने वाले से मिला,
    और उससे कुछ सुझाव मांगे।
  259. उसने कहा, "हाँ, मैं आपको दो सुझाव दूंगा:
  260. नंबर 1: यह बेहद खतरनाक है,
  261. लोग इसे करते हुए मर चुके हैं।
  262. नंबर 2 ,
  263. इसकी कोशिश मत करो! "
  264. (हँसी)
  265. तो मैंने इसे अपनी उद्देश्य सूची में लिखा।
  266. और मैंने प्रतिदिन इस का हर रोज़
    10-12 बार अभ्यास किया,
  267. चार वर्षों तक।
  268. अब मैं उनकी गणना की ...]
  269. 4 X 365
  270. लगभग कुछ 13,000 असफल प्रयास
  271. फिर जाकर 2001 में मेरे गले के नीचे
    मेरी पहली तलवार गयी।
  272. तब मैंने एक और मुख्य लक्ष्य बनाया
  273. तलवार निगलने में दुनिया का
    अग्रणी विशेषज्ञ बनने का।
  274. इसलिए मैंने हर किताब, पत्रिका,
    अखबार के लेख,
  275. हर मेडिकल रिपोर्ट, शरीर क्रिया विज्ञान,
    शरीर रचना विज्ञान का अध्ययन किया,
  276. मैंने डॉक्टरों और नर्सों से बात की ,
  277. अन्य तलवार निगलने वालों को समूहीकृत किया
  278. तलवार निगलने वालों की
    अन्तर्राष्ट्रीय संस्था में,
  279. और 2 साल की चिकित्सा शोध का संचालन किया
  280. "तलवार निगलने और इसके दुष्प्रभाव" शोध पत्र
  281. "ब्रिटिश मेडिकल जर्नल"
    में प्रकाशित हुआ था।
  282. (हंसी)
  283. आपका धन्यवाद।
  284. (तालियाँ)
  285. और मैंने तलवार निगलने के बारे
    कुछ दिलचस्प बातें सीखी।
  286. मुझे यकीन है, जिस बारे आपने पहले कभी नहीं
    सोचा होगा, पर आज रात बाद आप सोचोगे।
  287. अगली बार जब आप घर जाओ और आप
    मांस या मछली का टुकडा काट रहें हों
  288. या एक तलवार, या अपने "कटलरी" से
    आप इस बारे सोचोगे ...
  289. मुझे पता लगा कि तलवार निगलने
    की क्रिया भारत में शुरू हुई -
  290. जहां मैंने इसे 20 वर्ष आयु की में
    सब से पहले देखा था -
  291. लगभग 4000 साल पहले, 2000 ई.पू. में ।
  292. पिछले 150 वर्षों में, तलवार निगलने वालों
    का इस्तेमाल किया गया है
  293. विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में
  294. 1868 में ठोस अन्तःदर्शक यंत्र का
    निर्माण करने में मदद हेतु,
  295. फ्राइबर्ग जर्मनी में
    डॉ० एडोल्फ कुस्समॉल द्वारा।
  296. 1906 में, वेल्स में
    इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम,
  297. निगलने वाले विकारों,
    और पाचन तंत्र अध्ययन हेतु,
  298. श्वासनली जांच यंत्र जैसी ।
  299. लेकिन पिछले 150 सालों से,
  300. सैकड़ों लोगों को चोट लगने
    व दर्जनों मौतों बारे हमें पता है.... ...
  301. यह है, डॉ० एडोल्फ कुस्समॉल द्वारा विकसित
    किया गया ठोस अन्तःदर्शक यंत्र।
  302. लेकिन हमें पता चला पिछले 150 वर्षों में
    29 लोगों की मृत्यु हुई थी
  303. लंदन में इस तलवार निगलने वाले को मिला कर,
    जिसने अपनी तलवार से अपने दिल को बेध दिया।
  304. हमें यह भी पता चला है कि 3 से 8 तक
  305. गंभीर चोटें तलवार निगलने से
    हर साल होती हैं।
  306. मुझे पता है क्योंकि मुझे फ़ोन आता है।
  307. दो तो हाल ही में आए,
  308. एक स्वीडन से , और दूसरा ऑरलैंडो से,
    बस अभी पिछले दो हफ्तों के दौरान,
  309. तलवार निगलने वाले जो चोटों से
    घायल अस्पताल में हैं।
  310. इसलिए यह बेहद खतरनाक है।
  311. दूसरी बात मैंने सीखी है कि
    तलवार निगलने की प्रक्रिया
  312. बहुत लोगों के लिए दो से दस साल लेती है।
  313. कई लोगों के लिए।
  314. लेकिन सबसे चित्ताकर्षक खोज
    जो मैंने पाई यह थी
  315. कि तलवार निगलने वाले
    असम्भव करना कैसे सीखते हैं।
  316. और मैं तुम्हें एक रहस्य देने जा रहा हूँ:
  317. 99.9% की असम्भावना पर ध्यान मत दो।
  318. पर जो 0.1% की संभव है उस पर ध्यान दो,
    और ढूँढो कि यह कैसे सम्भव है।
  319. अब मैं आप को एक तलवार निगलने वाले
    के दिमाग की सैर पर ले जाऊँगा।
  320. तलवार निगलने के लिए आवश्यक है
    मस्तिष्क का देहभान से ऊपर होना,
  321. उस्तरे की धार से तेज एकाग्रता,
    सटीक ठीकपन
  322. शरीर के आंतरिक अंगों को अलग-थलग करना
    और स्वत: शरीर सजगता से उबरना
  323. पुनरावृत्त, प्रबलित मस्तिष्क सार के
    माध्यम से, पेशी स्मृति के माध्यम से
  324. 10,000 से अधिक बार
    विवेचनात्मक अभ्यास द्वारा।
  325. अब मैं आप को ले जाऊँगा एक तलवार
    निगलने वाले की शरीर की भीतरी यात्रा पे
  326. एक तलवार निगलने के लिए,
  327. मुझे ब्लेड को अपनी जीभ पर
    फिसलाना पड़ता है,
  328. ग्रीवा घेघा में पलटा दबाकर,
  329. 90 डिग्री पर कंठच्छद के
    अंदर और नीचे जाकर ,
  330. क्रिकॉयड कार्टिलेज एवं ग्रसनी संबंधी ऊपरी
    भोजन नली संवरणी को पार करके नीचे जाता है
  331. क्रमाकुंचन क्रिया पर काबू पाके ,
  332. छाती गुहा में ब्लेड फिसला के
  333. फेफड़ों के बीच से जाती है ।
  334. इस समय,
  335. मुझे असल में दिल को
    एक तरफ धकेलना होता है।
  336. यदिआप बहुत ध्यान से देखें ,
  337. आप मेरी तलवार से दिल की धड़कन देख सकते हैं
  338. क्यूंकि इसका दिल पर झुकाव है
  339. भोजन नलिका ऊतकों से 1/8 इंच दूरी पर।
  340. इसमें आप जालसाज़ी नहीं कर सकते ।
  341. फिर मुझे इसे छाती की हड्डी से
    आगे फिसलाना होता है,
  342. ग्रास नली संवरणी से आगे नीचे पेट में,
  343. उबकाइ की अनैच्छिक क्रिया को
    नियन्त्रित कर नीचे पाचनांत्र तक
  344. दाएं हाथ का खेल।
  345. (हँसी)
  346. अगर मैं उस से आगे गया ,
  347. मैं अपनी फॉलोपियन ट्यूब तक।
    (डच) फैलोपियन ट्यूब !
  348. दोस्तों,आप इसके बारे में बाद में
    अपनी पत्नियों से पूछ सकते हैं ...
  349. लोग मुझसे पूछते हैं व कहते हैं,
  350. "ऐसे अपने जीवन को जोखिम में डालने हेतु
    ज़रूर बहुत साहस चाहिए,
  351. अपने हृदय को धकेलने व तलवार निगलने में "
  352. नहीं. असली साहस तो
  353. उस डरपोक, शर्मीले,
    दुबले पतले बच्चे के लिए है
  354. विफलता और अस्वीकृति का जोखिम,
  355. दिल खोलने का,
  356. अपने अहं को निगलने का
  357. और एक अजनबी जनता समूह के सामने खड़े होना
  358. और अपने डर और सपनों की कहानी बताना,
  359. अपनी अंदरूनी घबराहट निकालने का जोखिम,
    दोनों वस्तुत: और लाक्षणिक रूप से।
  360. आप समझे - आपका धन्यवाद।
  361. (तालियाँ)
  362. वास्तव में आश्चर्यजनक बात यह है
  363. मैं हमेशा अपने जीवन से कुछ
    उल्लेखनीय करना चाहता था
  364. और अब मैं कर रहा हूँ।
  365. लेकिन वास्तव में उल्लेखनीय बात
    यह नहीं है कि मैं निगल सकता हूँ
  366. एक बार में 21 तलवारें,
  367. या 20 फीट पानी के नीचे 88 शार्क व
    बड़ी मच्छलियों के टैंक में
  368. 'रिप्ले मानो या ना मानो' के लिए ,
  369. या स्टेन ली जैसे अलौकिकमान मनुष्यों
    के लिए 1500 डिग्री पर लाल गर्म किया जाना
  370. "इस्पात मनुष्य' के रूप में"
  371. ओह और वह क्या गरमाई थी !
  372. या रिप्ले के लिए, तलवार से एक कार खींचना,
  373. या गिनीज,
  374. या "अमेरिका गॉट टैलेंट"
    के फाइनल में पहुँचना,
  375. या चिकित्सा में 2007 इग
    नोबेल पुरस्कार की जीत।
  376. नहीं, यह वास्तव में उल्लेखनीय बात नहीं है।
  377. यह तो लोग सोचते हैं। न, न, न। ऐसा नहीं है।
  378. वास्तव में उल्लेखनीय बात
  379. भगवान् उस डरपोक, शर्मीले,
    दुबले पतले बच्चे को ले गया
  380. जो ऊंचाई से डरता था,
  381. जो पानी और शार्क से डरता था,
  382. और डॉक्टरों और नर्सों और
    सुइयों और तेज वस्तुओं से
  383. और लोगों से बात करने में,
  384. और अब वह मुझे दुनियाभर में
    उड़ान करवा रहा है
  385. 30,000 फीट की ऊंचाई पर
  386. पानी के नीचे शार्क के टैंक में
    तेज वस्तुओं निगलवाना,
  387. और डॉक्टरों और नर्सों और दुनिया भर के
    आप जैसे दर्शकों से बात करवा रहा है।
  388. यह मेरे लिए वास्तव में अद्भुत बात है।
  389. मैं हमेशा असंभव करना चाहता था -
  390. धन्यवाद.
  391. (तालियाँ)
  392. धन्यवाद.
  393. (तालियाँ)
  394. मैं हमेशा असंभव करना चाहता था,
    और अब मैं कर रहा हूँ।
  395. मैंने अपने जीवन में कुछ उल्लेखनीय करना
    और दुनिया बदलना चाहा था,
  396. और अब मैं कर रहा हूँ।
  397. मैं हमेशा दुनिया भर की सैर अलौकिक
    काम कर के करना चाहता था
  398. व जीवरक्षा से, अब मैं कर रहा हूँ।
  399. और क्या आपको पता है?
  400. अभी भी उस छोटे से बच्चे के बड़े सपने
    का एक छोटा सा हिस्सा है
  401. अंदर गहरे तक।
  402. (हंसी) (तालियाँ)
  403. और आप जानते हैं, मैं सदा अपने उद्देश्य
    व लक्ष्य को ढूंढना चाहता था,
  404. और अब मैंने पा लिया है।
  405. लेकिन अंदाज़ा लगाओ कि क्या?
  406. यह तलवारें नहीं ,न ही जो
    तुम सोचते हो, मेरा सामर्थ्य नहीं।
  407. यह असल में मेरी कमजोरी है,
    मेरे शब्द।
  408. मेरा उद्देश्य और लक्ष्य दुनिया बदलने का है
  409. डर काट कर,
  410. एक समय में एक तलवार, एक समय में एक शब्द,
  411. एक समय में एक चाकू, एक समय में एक जीवन ,
  412. लोगों को सुपरहीरो बनने के लिए प्रेरित करना
  413. कि वे अपने जीवन में असंभव को कर पाए।
  414. मेरा लक्ष्य दूसरों के लक्ष्य
    खोजने में मदद करना है।
  415. आपका क्या है?
  416. आपके उद्देश्य क्या हैं?
  417. आप यहाँ क्या करने आये हैं ?
  418. मेरा मानना ​​है हम सभी
    सुपरहीरो बनने हेतु हैं ।
  419. आपकी महाशक्ति क्या है?
  420. दुनिया की 7 अरब से अधिक
    लोगों की आबादी में,
  421. दर्जन से कम तलवार निगलने वाले है
  422. आज दुनिया में बचे हैं,
  423. पर यहाँ आप जैसे केवल आप हो।
  424. आप अद्वितीय हैं।
  425. आपकी कहानी क्या है?
  426. आप में क्या अलग बात है ?
  427. अपनी कहानी बताओ,
  428. भले ही आपकी आवाज पतली और अस्थिर हो।
  429. आपके मुख्य उद्देश्य क्या हैं ?
  430. अगर आप कुछ भी कर सकें, कुछ भी बन सकें
    व कहीं भी जा सकें -
  431. आप क्या करोगे?
  432. आप क्या करोगे?
  433. आप अपने जीवन में क्या करना चाहते हैं?
  434. आपके बड़े सपने क्या हैं?
  435. छोटे बच्चे के रूप में आपके
    बड़े सपने क्या थे? फिर सॊचो।
  436. शर्तिया, वह यह नहीं था, था क्या??
  437. आपके बड़े भयानक सपने क्या थे
  438. जो आपने सोचे कि बहुत अजीब और अस्पष्ट थे?
  439. मैं शर्त लगाता हूँ कि आख़िरकार वे
    इतने अजीब तो नहीं लगते, लगते हैं क्या?
  440. आपकी तलवार क्या है?
  441. आप सब के पास एक तलवार है,
  442. डर और सपनों की एक दोधारी तलवार है।
  443. अपनी तलवार निगलो, जो कुछ भी है।
  444. अपने सपनों का पीछा करो, देवियों व सज्जनों,
  445. आप जो बनना चाहते हैं,
    उसके लिए कभी देर नहीं होती।
  446. चकमा गेंद वाले उन धौंसिया
    बच्चों के लिए, जो सोचते थे
  447. कि मैं कुछ असंभव नहीं करूँगा ,
  448. ,मैं सिर्फ एक बात उन्हें कहना चाहता हूँ:
  449. धन्यवाद।
  450. क्योंकि अगर यह खलनायक न होते,
    हम सुपरहीरो न होते।
  451. मैं यहाँ यह सिद्ध करने हेतु हूँ
    कि असंभव, असंभव नहीं है।
  452. यह बेहद खतरनाक है, यह मुझे मार सकता है।
  453. मुझे आशा है आप इससे मज़ा लेते हैं।
  454. (हँसी)
  455. अब मुझे इसमें आपकी मदद चाहिए।
  456. श्रोतागण: दो, तीन।
  457. डेन मायर : नहीं, नहीं, नहीं। मुझे गिनती
    करने में आप सबकी मदद चाहिए, ठीक?
  458. (हँसी)
  459. यदि आप शब्दों को जानते हैं?
    ठीक? मेरे साथ गिनो। तैयार?
  460. एक।
  461. दो।
  462. तीन।
  463. नहीं, यह दो है, लेकिन तुम अब जान गए हो।
  464. श्रोतागण: एक।
  465. दो।
  466. तीन।
  467. [हांफना]
  468. (तालियाँ)
  469. डी एम: हाँ!
  470. (तालियाँ) (प्रशंसा)
  471. बहुत बहुत धन्यवाद .
  472. आपका धन्यवाद, धन्यवाद, आपका धन्यवाद।
    मेरे दिल की गहराई से धन्यवाद।
  473. असल में, मेरे पेट की गहराई से धन्यवाद।
  474. मैंने कहा था मैं यहाँ असंभव करने आया,
    और अब मैंने कर दिखाया है।
  475. लेकिन यह असंभव नहीं था।
    मैं यह प्रतिदिन करता हूँ।
  476. असम्भव बात थी, उस डरपोक, शर्मीले, दुबले
    लड़के के लिए अपने भय का सामना करना,
  477. टेडएक्स के मंच पर खड़े होना,
  478. और दुनिया को बदलना, एक बार में एक शब्द,
  479. एक बार में एक तलवार,
    एक बार में एक जीवन।
  480. अगर मैंने आपको एक नयी सोच
    और यह विश्वास दिया है कि
  481. असंभव असंभव नहीं है,
  482. अगर मैंने आपको यह अहसास दिलाया है कि
    आप अपने जीवन में असम्भव कर सकते हैं,
  483. तो मेरा काम यहाँ पूरा हुआ, और आपका शुरू।
  484. सपने देखना कभी बंद न करें।
    कभी विश्वास करना मत छोड़ो।
  485. मुझपे विश्वास करने का धन्यवाद
  486. और मेरे सपने का हिस्सा बनने का धन्यवाद।
  487. और यह आप को मेरा उपहार है:
  488. असंभव नहीं है ...
  489. श्रोतागण: असंभव।
  490. लंबी सैर उपहार का हिस्सा है।
  491. (तालियाँ)
  492. धन्यवाद।
  493. (तालियाँ)
  494. (जयकार)
  495. मेजबान: धन्यवाद, डेन मायर, वाह!