Return to Video

आणविक दुनिया के चमत्कार, एनिमेटेड

  • 0:02 - 0:04
    मैं यूटा में रहती हूं,
  • 0:04 - 0:07
    दुनिया भर में, ये जगह
    विस्मयकारी प्राकृतिक
  • 0:07 - 0:09
    परिदृश्य के लिए जानी जाती है।
  • 0:09 - 0:13
    इन अद्भुत दृश्यों से अभिभूत होना
  • 0:13 - 0:17
    और इन कभी-कभी अजीब दिखने वाली
    संरचनाओं पर मोहित होना आसान है।
  • 0:17 - 0:20
    एक वैज्ञानिक के रूप में मुझे,
    प्राकृतिक दुनिया की समीक्षा करना पसंद है।
  • 0:20 - 0:22
    लेकिन एक सेल बायोलॉजिस्ट के रूप में,
  • 0:22 - 0:25
    मैं प्राकृतिक दुनिया को छोटे,
    बहुत छोटे पैमाने पर,
  • 0:25 - 0:27
    समझने में अधिक दिलचस्पी रखती हूं।
  • 0:28 - 0:31
    मैं मोलेक्यलैर ऐनिमेटर हूं
    और मैं अन्य शोधकर्ताओं के साथ
  • 0:31 - 0:34
    मोलेक्यूलस का विज़ुअलाइज़ेशन करती हूँ।
    मोलेक्यूलस छोटे और
  • 0:34 - 0:35
    अनिवार्य रूप में अदृश्य हैं।
  • 0:35 - 0:38
    ये मोलेक्यूलस प्रकाश के वैव्लेंगथ
    की तुलना में छोटे होते हैं,
  • 0:38 - 0:40
    इसका अर्थ है कि हम इन्हे सीधे
    नहीं देख सकते,
  • 0:40 - 0:42
    सबसे अच्छे माइक्रोस्कोप से भी नहीं।
  • 0:42 - 0:45
    तो मैं उन चीज़ों का दृश्यावलोकन कैसे बनाऊं
  • 0:45 - 0:47
    जो इतनी छोटी हैं कि उन्हें देख नहीं सकते?
  • 0:47 - 0:49
    वैज्ञानिक, जैसे की मेरे साथी,
  • 0:49 - 0:51
    अपना पूरा पेशेवर करियर,
  • 0:51 - 0:54
    एक मोलेक्यलैर प्रक्रिया
    को समझने में लगा सकते हैं।
  • 0:54 - 0:56
    ऐसा करने के लिए,
    वे प्रयोगों की एक श्रृंखला से,
  • 0:56 - 0:59
    पहेली का एक छोटा सा टुकड़ा बता सकते हैं।
  • 0:59 - 1:02
    एक तरह का प्रयोग,
    प्रोटीन के आकार के बारे में बता सकता है,
  • 1:02 - 1:03
    जबकि दुसरा प्रयोग
  • 1:03 - 1:06
    बता सकता है कि
    वो और किन प्रोटीनस से संपर्क करेगा
  • 1:06 - 1:08
    और कोई प्रयोग बता सकता है कि
    कोशिका प्रोटीन में कहाँ मिलेगी।
  • 1:08 - 1:12
    और ये सब जानकारी के टुकड़े
    इस्तेमाल किये जा सकते हैं, एक सिद्धांत,
  • 1:12 - 1:16
    एक कहानी पर आने के लिए
    कि एक मोलेक्यूल कैसे काम करता है।
  • 1:17 - 1:21
    मेरा काम है इन आइडियास को लेकर
    इनका एनीमेशन तैयार करना।
  • 1:21 - 1:22
    ये मुश्किल हो सकता है,
  • 1:22 - 1:25
    क्योंकि मोलेक्यूलस
    कुछ अध्भुत चीज़ें कर सकते हैं।
  • 1:26 - 1:29
    लेकिन ये एनिमेशन,शोधकर्ताओं के लिए
    अपने विचारों को संप्रेषित करने में
  • 1:29 - 1:32
    उपयोगी हो सकता है, ये जानने में
    कि मोलेक्यूलस कैसे काम करते हैं।
  • 1:32 - 1:35
    वो हमें मोलेक्यलैर दुनिया,
    उनके नज़रिए से
  • 1:35 - 1:36
    दिखा सकते हैं।
  • 1:36 - 1:38
    मैं आपको कुछ एनिमेशन दिखना चाहती हूँ,
  • 1:38 - 1:42
    एक संक्षिप्त दौरा,
    जिसे मैं मोलेक्यलैर दुनिया का
  • 1:42 - 1:44
    प्राकृतिक चमत्कार मन्ती हूँ।
  • 1:44 - 1:46
    सबसे पहले, ये एक प्रतिरक्षा कोशिका है।
  • 1:46 - 1:48
    इस तरह की कोशिकाओं को
    हमारे शरीर से रेंगते हुए जाना पढता है,
  • 1:48 - 1:52
    रोगजनक बैक्टीरिया जैसे आक्रमणकारियों
    को ढूँढ़ने क लिए।
  • 1:52 - 1:55
    ये चाल मेरे पसंदीदा प्रोटीन से संचालित है
  • 1:55 - 1:56
    जिसका नाम एक्टिन है,
  • 1:56 - 1:58
    ये साइटोस्केलेटन का हिस्सा है।
  • 1:58 - 2:00
    हमारे कंकालों के विपरीत,
  • 2:00 - 2:04
    एक्टिन फिलामेंट्स
    लगातार बनते और अलग होते हैं।
  • 2:04 - 2:07
    एक्टिन साइटोस्केलेटन हमारी कोशिकाओं में
    महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • 2:07 - 2:09
    ये आकार बदलने, चारों ओर घूमने,
  • 2:09 - 2:11
    सतहों का पालन करने और बैक्टीरिया को भी
  • 2:12 - 2:14
    खाने की अनुमति देता है।
  • 2:14 - 2:17
    एक्टिन एक अलग तरह के काम में भी शामिल है।
  • 2:17 - 2:20
    हमारी मांसपेशियों की कोशिकाओं में,
    एक्टिन संरचनाएं नियमित तंतु बनाते
  • 2:20 - 2:21
    हैं जो कपड़े की तरह दिखते हैं।
  • 2:21 - 2:24
    जब हमारी मांसपेशियां सिकुड़ती हैं,
    तो तंतु एक साथ खींचती हैं
  • 2:24 - 2:26
    और जब वे रिलैक्स होती हैं
    तो तंतु मूल
  • 2:26 - 2:28
    स्थिति में वापस चले जाते हैं।
  • 2:28 - 2:31
    साइटोस्केलेटन के अन्य भाग,
    इस मामले में, सूक्ष्मनलिकाएं,
  • 2:31 - 2:34
    लंबी दूरी के परिवहन के लिए जिम्मेदार है।
  • 2:34 - 2:36
    इन्हे मूल रूप से सेलुलर हाइवे
    माना जा सकता है,
  • 2:36 - 2:40
    जो चीजों को सेल के एक तरफ से दूसरी तरफ
    ले जाने के उपयोग में आता है।
  • 2:40 - 2:43
    सड़कों के विपरीत,
    सूक्ष्मनलिकाएँ बढ़ती और सिकुड़ती हैं,
  • 2:43 - 2:44
    जब उनकी आवश्यकता हो और
  • 2:44 - 2:46
    उनका काम समाप्त होने पर,
    गायब हो जाती हैं।
  • 2:46 - 2:49
    सेमिट्रक के मोलेक्यलैर अनुवाद प्रोटीनस है,
  • 2:49 - 2:51
    जिन्हे उपयुक्त रूप से
    मोटर प्रोटीनस कहा जाता है,
  • 2:52 - 2:54
    ये सूक्ष्मनलिकाएं के साथ चलते हैं
  • 2:54 - 2:57
    और कभी-कभी विशाल मालवाहक,
  • 2:57 - 2:59
    जैसे कि ऑर्गेनेल को पीछे खींचते हैं।
  • 2:59 - 3:01
    विशेष रूप से, ये मोटर प्रोटीन,
    डाइनीन के नाम से जाने जाते हैं
  • 3:01 - 3:04
    और ये समूहों में एक साथ काम कर सकते हैं
  • 3:04 - 3:07
    जो मुझे लगभग
    घोड़ों के रथ की तरह दिखाई देते हैं।
  • 3:07 - 3:11
    जैसा कि आप देख रहे हैं,
    कोशिका अविश्वसनीय रूप से गतिशील जगह है,
  • 3:11 - 3:15
    जहां चीजें लगातार बनती और अलग होती है।
  • 3:15 - 3:16
    लेकिन इनमें से कुछ संरचनाएं
  • 3:16 - 3:18
    दूसरों की तुलना में,
    अलग करना कठिन है।
  • 3:18 - 3:20
    और विशेष बलों को लाने की जरूरत पढ़ती है
  • 3:20 - 3:24
    ताकि सही समय पर
    संरचनाओं को अलग किया जा सके।
  • 3:24 - 3:26
    ये काम आंशिक रूप से
    इन प्रोटीनस द्वारा किया जाता है।
  • 3:26 - 3:28
    डोनट जैसे दिखने वाले प्रोटीनस
  • 3:28 - 3:30
    जो कई प्रकार के सेल में होते हैं,
  • 3:30 - 3:32
    वो सभी संरचनाओं को
    चीरने का काम करते हैं,
  • 3:32 - 3:35
    विशिष्ट प्रोटीन को
    एक केंद्रीय छेद से खींचकर।
  • 3:35 - 3:38
    जब इस तरह के प्रोटीनस
    ठीक से काम नहीं करते,
  • 3:38 - 3:41
    तब वे प्रोटीनस जिन्हे अलग होना चाहिए,
    वह जुड़ जाते हैं
  • 3:41 - 3:43
    और इससे भयानक बीमारी,
  • 3:43 - 3:47
    जैसे की अल्जाइमर,
    की वृद्धि हो सकती है।
  • 3:47 - 3:49
    और अब न्यूक्लियस पर एक नज़र डालें,
  • 3:49 - 3:52
    जो हमारे जीनोम को
    डीएनए के रूप में दर्शाता है।
  • 3:52 - 3:54
    हमारी सभी कोशिकाओं में,
  • 3:54 - 3:58
    हमारे डीएनए की देखभाल और संरक्षण, प्रोटीन
    के एक विविध सेट द्वारा किया जाता है।
  • 3:58 - 4:01
    डीएनए प्रोटीन के चारों ओर बुना है,
    जिसे हिस्टोन कहते हैं,
  • 4:01 - 4:05
    ये कोशिकाओं को बड़ी मात्रा में डीएनए,
    न्यूक्लियस मे पैक करने के सक्षम बनाता है।
  • 4:05 - 4:08
    ये मशीनें क्रोमेटिन रिमोडेलर कहलाती हैं,
  • 4:08 - 4:11
    और वे मूल रूप से इन हिस्टोन्स के
    आस-पास डीएनए को रखती हैं
  • 4:11 - 4:12
    और वे डीएनए के नए टुकड़े
  • 4:12 - 4:16
    उजागर होने की अनुमति देती हैं।
  • 4:16 - 4:19
    इस डीएनए को अन्य मशीनरी द्वारा
    पहचाना जा सकता है।
  • 4:19 - 4:22
    इस केस में, ये बड़ी मोलेक्यलैर मशीन
  • 4:22 - 4:24
    डीएनए के एक खंड की तलाश में है
  • 4:24 - 4:26
    जो बताता है कि ये एक जीन की शुरुआत में है।
  • 4:26 - 4:28
    जब डीएनए को खंड मिल जता है,
  • 4:28 - 4:30
    तब ये आकार परिवर्तन की
    एक श्रृंखला से गुजरता है
  • 4:30 - 4:33
    जो इसे अन्य मशीनरी को
    लाने में सक्षम बनाता है
  • 4:33 - 4:37
    जिससे एक जीन को चालू
    या स्थानांतरित करने की अनुमति मिलती है।
  • 4:37 - 4:40
    ये कसकर विनियमित प्रक्रिया होनी चाहिए,
  • 4:40 - 4:43
    क्योंकि गलत समय पर गलत जीन को चालू करने से
  • 4:43 - 4:45
    विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं।
  • 4:45 - 4:48
    वैज्ञानिक अब प्रोटीन मशीनों का
    उपयोग करने के लिए सक्षम हैं
  • 4:48 - 4:50
    जीनोम को संपादित करने के लिए।
  • 4:50 - 4:52
    आप सभी ने CRISPR के बारे में सुना होगा।
  • 4:52 - 4:55
    CRISPR, Cas9 नामक एक प्रोटीन
    का लाभ उठाता है
  • 4:55 - 4:58
    जिसे इंजीनियर किया जा सकता है
    डीएनए के एक बहुत विशिष्ट अनुक्रम
  • 4:58 - 5:00
    को पहचानने और काटने के लिए।
  • 5:00 - 5:02
    इस उदाहरण में,
  • 5:02 - 5:06
    दो Cas9 प्रोटीन का प्रयोग, डीएनए के
    एक कठिन टुकड़े को सरल बनाने मे हो रहा है।
  • 5:06 - 5:09
    उदाहरण के लिए, एक जीन का हिस्सा
    जो एक बीमारी को जन्म दे सकता है।
  • 5:09 - 5:11
    सेलुलर मशीनरी का उपयोग
  • 5:11 - 5:14
    डीएनए के दो सिरों को
    एक साथ जोड़ने के लिए किया जाता है।
  • 5:14 - 5:15
    आणविक ऐनिमेटर के रूप में,
  • 5:15 - 5:19
    मेरी सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक
    कल्पना की अनिश्चितता है।
  • 5:19 - 5:22
    मेरे द्वारा दिखाए गए सभी एनिमेशन
    परिकल्पना प्रदर्शित करते हैं,
  • 5:22 - 5:24
    कि मेरे सहयोगी
    जानकारी के आधार पर
  • 5:24 - 5:27
    एक प्रक्रिया कैसे काम करती है
    वह सोचते हैं।
  • 5:27 - 5:29
    बहुत सारी मोलेक्यलैर प्रक्रियाओं के लिए,
  • 5:29 - 5:32
    हम अभी भी चीजों को समझने
    की प्रारंभिक अवस्था में हैं, और
  • 5:32 - 5:33
    बहुत कुछ है सीखना के लिए।
  • 5:33 - 5:34
    सच यह है कि
  • 5:34 - 5:38
    ये अदृश्य मोलेक्यलैर दुनिया,
    विशाल और बड़े पैमाने पर अनदेखी है।
  • 5:39 - 5:42
    मेरे लिए,ये मोलेक्यलैर परिदृश्य
  • 5:42 - 5:45
    तलाशने के लिए उतना ही रोमांचक है
    जितना प्राकृतिक दुनिया,
  • 5:45 - 5:47
    जो हमारे चारों ओर दिखाई देती है।
  • 5:47 - 5:49
    धन्यवाद।
  • 5:49 - 5:52
    (तालियां)
Títol:
आणविक दुनिया के चमत्कार, एनिमेटेड
Speaker:
जेनेट इवासा
Descripció:

कुछ जैविक संरचनाएँ इतनी छोटी होती हैं कि वैज्ञानिक उन्हें सबसे शक्तिशाली माइक्रोस्कोप से भी नहीं देख सकते हैं। यही कारण है कि मोलेक्यलैर ऐनिमेटर और टेड साथी, जेनेट इवासा रचनात्मक हो गयी हैं। अनदेखे, विशाल मोलेक्यलैर दुनिया का अन्वेषण करें जिसमे जेनेट, मंत्रमुग्ध कर देने वाले एनिमेशन शेयर करेंगी। ये एनिमेशन कल्पनात्मक तौर पर ये समझाएगा कि जैविक संरचनाएँ कैसे काम करती हैं।

more » « less
Video Language:
English
Team:
closed TED
Projecte:
TEDTalks
Duration:
06:05

Hindi subtitles

Revisions