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← "आत्मीयता की तरफ़ लड़खड़ाना": एक तात्कालिक TED टॉक

इस रोमांचक, और पूरी तरह से तात्कालिक टॉक में, इम्प्रोव मास्टर ऍनथनी वेनेज़ीआलि TED के मंच पर करते हैं एक अद्भुत प्रदर्शन। ऑडियंस द्वारा दी गए विषय के साथ ("आत्मीयता की तरफ़ लड़खड़ाना" और कुछ स्लाइड्स जो उन्होंने कभी नहीं देखी, वेनेज़ीआलि दिखाते हैं हमें एक मेल प्यार, भाषा और... एवोकडोस का?

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Showing Revision 5 created 01/08/2020 by Abhinav Garule.

  1. [यह व्याख्यान (और परिचय) तात्कालिक है,
  2. और ऑडियंस द्वारा दिए गए
    विषय पर है।
  3. वक्ता को स्लाइड्स का कंटेंट नहीं पता है।]
  4. मॉडरेटर: हमारे अगले वक्ता --

  5. (हँसते हैं)

  6. एक --

  7. बहुत ही --
  8. (हँसते हैं)

  9. एक बहुत ही अनुभवी भाषाविद हैं

  10. जो MIT के लैब में रिसर्च वालों के
    एक छोटे समूह के साथ काम करते हैं,
  11. और भाषा की पढ़ाई कर
  12. और कैसे हम एक दूसरे से
    संवाद करते हैं,
  13. उन्होंने मानव आत्मीयता
    का राज़ खोजा है।
  14. अपने विचार व्यक्त करने के लिए,
    स्वागत कीजिए,
  15. ऍनथनी वेनेज़ीआलि का।
  16. (तालियाँ)

  17. (हँसते हैं)

  18. ऍनथनी वेनेज़ीआलि: आप सोच रहे होंगे
    कि मैं आपको समझता हूँ।

  19. आप मुझे इस लाल बिंदु पर देख रहे होंगे,
  20. या आप मुझे स्क्रीन पर देख रहे होंगे।
  21. एक सेकंड के छटवे भाग की देरी है।
  22. क्या मैंने खुदको पकड़ा? हाँ।
  23. मैं मुड़ने से पहले खुद को देख पाया,
  24. और वह छोटी सी देरी से
    विभाजन होता है।
  25. (हँसते हैं)

  26. और मानव भाषा और भाषा को समझने में

  27. वाही विभाजन होता है।
  28. मैं ज़रूर MIT के एक छोटे से लैब से
    काम करता हूँ।

  29. (हँसते हैं)

  30. और हम हर छोटी चीज़ समझने की
    कोशिश करते हैं।

  31. (हँसते हैं)

  32. यह कोई कंप्यूटर से सम्बंधित
    चुनौती नहीं होती,

  33. लेकिन इस मामले में हमने पाया
    कि दृष्टि के हठ
  34. और श्रवण सेवन में
  35. काफ़ी समानता है,
  36. और वह हम इस पहली स्लाइड में देख सकते हैं।
  37. (हँसते हैं)

  38. (तालियाँ)

  39. आप सोचने लगते हैं,
    "क्या वह एक ठोस-उबला हुआ अंडा है?"

  40. (हँसते हैं)

  41. "क्या वह अंडे की खूबी है

  42. कि वह एक पत्थर का भार उठा प् रहा है?
  43. क्या वह सच मच एक पत्थर है?"
  44. जब हमें कोई दृश्य मिलता है
    तो हम सवाल करते हैं।
  45. लेकिन जब हमें कुछ सुनाई देता है
    तो यह होता है।
  46. (हँसते हैं)

  47. हमारे दिमाग के दरवाज़े शंघाई की
    गलियों की तरह खुल जाते हैं।

  48. (हँसते हैं)

  49. इतनी साड़ी जानकारी है समझने के लिए,

  50. इतने विचार, विषय, भावनाएँ
    और इतनी कमज़ोरियाँ
  51. जो हम बताना नहीं चाहते।
  52. तो इसलिए हम छुपते हैं,
  53. हम इस आत्मीयता के दरवाज़े के पीछे
    छुपते हैं।
  54. (हँसते हैं)

  55. और उस दरवाज़े के पीछे क्या है?

  56. वह किस चीज़ से बना है?
  57. सबसे पहले तो --
  58. (हँसते हैं)

  59. पहले हमने पाया कि छह अलग जीनोटाइप
    के लिए सब अलग है।

  60. (तालियाँ)

  61. और, हाँ, हम इन जीनोटाइप्स का
    एक न्यूरोनोर्मेटिव और न्यूरोडाईवर्स

  62. अनुभव में श्रेणीबद्ध कर सकते हैं।
  63. (हँसते हैं)

  64. स्क्रीन के दाईं तरफ़,

  65. आप न्यूरोडाईवर्स सोच की
    स्पाइक्स देख सकते हैं।
  66. आम तौर पर सिर्फ़
    दो भावनात्मक स्तिथियाँ होती हैं
  67. जो एक न्यूरोडाईवर्स दिमाग एक बार में
    समझ सकता है,
  68. और उससे उनकी भावनात्मक उपस्तिथि
    की संभावना शायद
  69. पूरी तरह से चली जाती है।
  70. लेकिन बाईं तरफ़ आप
    न्यूरोनोर्मेटिव दिमाग देख सकते हैं,
  71. जो एक समय पर पांच
    भावनात्मक संज्ञानात्मक जानकारी
  72. समझ सकते हैं।
  73. यह कुछ छोटे अंतर हैं जो आप
  74. 75, 90 और 60 प्रतिशतक में देख रहे हैं,
  75. और फिर बड़े अंतर जो आप
  76. 25, 40 और 35 प्रतिशतक में देख सकते हैं।
  77. (हँसते हैं)

  78. लेकिन हाँ, ऐसा कौनसा दिमागी नेटवर्क है

  79. जो इन अलग अलग चीज़ों को
    साथ लाने का काम कर रहा है?
  80. (हँसते हैं)

  81. डर।

  82. (हँसते हैं)

  83. (तालियाँ)

  84. और हम सबको पता है,
    डर अमिगडाला में बसा होता है,

  85. और यह एक बहुत प्राकृतिक प्रतिक्रिया है,
  86. और वह दृश्य बोध से
    काफ़ी पास से सम्बंधित है।
  87. वह मौखिक बोध से
    उतना सम्बंधित नहीं है,
  88. तो हमारे डर के रिसेप्टर्स
  89. भाषा के कोई शब्द या संकेत से पहले ही
  90. बंद होते जाएँग।
  91. तो इन डर के पलों में,
  92. हमें समझ नहीं आता क्या किया जाए।
  93. हम एक दिशा में लड़खड़ा जाते हैं,
  94. जो आत्मीयता से दूर है।
  95. (हँसते हैं)

  96. ज़ाहिर है, कि आदमी के नज़रिए में

  97. औरत के नज़रिए में
  98. हिजड़ों के नज़रिए में, उनके बीच
    अन्य लोगों के नज़रिए में,
  99. और लिंग के वर्णक्रम के बहार वालों के
    नज़रिए में अंतर है।
  100. (हँसते हैं)

  101. लेकिन जो डर है
    वह हमारी प्रतिक्रिया प्रणाली का

  102. एक एहेम हिस्सा है।
  103. लड़ो या भागो सबसे तेज़,
  104. कुछ कहते हैं यह वातावरण की तरफ़
    जानवरों जैसी प्रतिक्रिया है।
  105. कैसे हम अमिगडाला के सींग से खुद को
    अलग करेंगे?

  106. (हँसते हैं)

  107. खैर, मैं अब आपको राज़ बताऊँगा।

  108. (तालियाँ)

  109. यह सारी बातों का बहुत मतलब बन रहा है।

  110. (हँसते हैं)

  111. राज़ यह है कि

  112. हमें अपनी पीठ एक दूसरे पर मोड़ लेनी चाहिए,
  113. और मैं जानता हूँ कि जो आप सोच रहे थे
  114. यह उससे एकदम विपरीत है,
  115. लेकिन अपने रिश्ते में जब आप
    अपने साथी पर अपनी पीठ मोड़ देते हैं,
  116. और अपनी पीठ उनके पीठ से जोड़ते हैं --
  117. (हँसते हैं)

  118. आपको कुछ नज़र नहीं आता।

  119. (हँसते हैं)

  120. (तालियाँ)

  121. और आप पहले असफल होने के लिए

  122. उपलब्ध होते हो --
  123. और पहले असफल होना --
  124. (हँसते हैं)

  125. दूसरों और खुद को खुश करने की

  126. जिन सीमाओं तक हम जाते हैं,
  127. उनसे बड़ा होता है।
  128. हम बिलियन से बिलियन डॉलर खर्चते हैं,
  129. कपड़ों पर, मेक अप पर,
  130. नए किस्म के चश्मों पर,
  131. लेकिन हम एक दूसरे से मिलने जुलने के लिए
  132. समय और पैसे नहीं खर्चते,
  133. ऐसे मिलाप के जो सच्चाई से
  134. भरा हो
  135. और उन दृश्य प्रापक से न जुड़ा हो।
  136. (तालियाँ)

  137. (हँसते हैं)

  138. मुश्किल लग रहा होगा, है न?

  139. (हँसते हैं)

  140. लेकिन हमें इसके बारे में गुस्सा होना है।

  141. हमें सिर्फ़ काउच पर बैठे नहीं रहना है।
  142. आज एक हिस्टोरियन ने पहले कहा था,
  143. कि कभी कभी ज़रूरी है कि आप
    उस काउच से उठें और उसके आस पास घूमें।
  144. और हम यह कैसे कर सकते हैं?
  145. हाँ, बर्फ़ इसका बड़ा हिस्सा है।
  146. इनसाइट, कम्पैशन और एम्पथी:
  147. आई, सी, ई।
  148. (तालियाँ)

  149. और जब हम आइस वाला तरीका अपनाते हैं,

  150. तब, संभावनाएँ हमसे भी बड़ी हो जाती हैं।
  151. असल में, वे आपसे भी छोटी हो जाती हैं।
  152. एक परमाणु के स्तर पर,
  153. मुझे लगता है कि इनसाइट
  154. एक साथ लाने वाला विषय है
  155. हर उस टॉक के लिए जो आपने TED में देखी हैं
  156. और यह तब तक वैसा रहेगा जब तक
  157. हम इस छोटे से ग्रह, इस कगार, इस चट्टान पर
  158. अपना सफ़र तय कर रहे हों,
  159. और हम देख सकते हैं कि, हाँ,
    मृत्यु अनिवार्य है।
  160. (हँसते हैं)

  161. क्या हम सबके साथ यह एक ही समय होगा,

  162. मुझे लगता है, यह सवाल हम सबके मन में है।
  163. (हँसते हैं)

  164. मुझे लगता है यह समय की सीमा बढ़ती है

  165. जब हम आइस का इस्तेमाल करते हैं
  166. और जब हम एक दूसरे पर अपनी पीठ रखते हैं
  167. और साथ सब बनाते हैं,
  168. डर को पीछे छोड़कर
  169. और काम करना है --
  170. (हँसते हैं)

  171. यह हिस्सा वे लोग एडिट कर देंगे --

  172. (हँसते हैं)

  173. एक अनुभव जिसमें प्यार,

  174. सहानुभूति,
  175. सच्चाई पर आधारित आत्मीयता
  176. जो आप अपने दिमाग की आँखों से बाँट रहे हैं
  177. और वह दिल जो हम छू सकते हैं,
  178. महसूस कर सकते हैं,
  179. और शायद हमारा एक प्यारा सा अनुभव हो
  180. जिसे हम यूँ ही फेंक न दें,
  181. लेकिन हम उस अनुभव को समझें,
  182. हमारे अन्दर की बातों का,
  183. हमारे विचारों का हम बीज बोएँ,
  184. और उसे पीठ से पीठ बाँटें।
  185. धन्यवाद।

  186. (तालियाँ)