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← धीरे-धीरे पढ़ने ने मुझे लेखन के बारे में क्या सिखाया

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34 llengües

Showing Revision 8 created 11/10/2019 by Vishwa Aashara.

  1. बहुत समय पहले,
    एक विशालकाय व्यक्ति रहता था,
  2. एक स्वार्थी विशालकाय, जिसका उद्यान
    सभी भूमि में सबसे सुंदर था।
  3. एक शाम, यह विशालकाय घर आया
  4. और इन सभी बच्चों को पाया
    अपने बगीचे में खेलते हुए
  5. और वह क्रोधित हो गया।
  6. "मेरा अपना बगीचा मेरा अपना बगीचा है!"
  7. विशालकय ने कहा।
  8. और उसने इसके चारों ओर इस ऊँची दीवार बनाई।
  9. लेखक ऑस्कर वाइल्ड ने कहानी लिखी है
    1888 में "द सेल्फिश जाइंट"।

  10. लगभग सौ साल बाद, वह विशालकाय
    मेरे ब्रुकलिन बचपन में चले गए
  11. और कभी नहीं छोड़ा।
  12. मेरी परवरिश एक धार्मिक परिवार में हुई,
  13. और
    मैं बाइबल और कुरान दोनों को पढ़कर बड़ी हुई
  14. धार्मिक और मनोरंजक दोनों पढ़ने के समय ने;
  15. टीवी देखने के समय को मात दे दिया
  16. अब कीसी भी दिन ,
    आप मुझे और मेरे भाई, बहन को ढूंढ सकते हो
  17. हमारे घर के किसी कोने में पढ़ते हुए
  18. कभी-कभी नाखुशी से
  19. क्योंकि न्यूयॉर्क में गर्मी के दिनों में,
    आग हाइड्रेंट में विस्फोट हो गया,
  20. और हम अपार ईर्ष्या से,
    अपने दोस्तों को वहां सुन सकते थे
  21. पानी में खेलते हुए
  22. उनका परम आनंद अपनी राह बना रहा है
    हमारी खुली खिड़कियों के माध्यम से।
  23. लेकिन मुझे पता चला कि जितनी गहरी
    मैं अपनी पुस्तकों में गयी,
  24. हर वाक्य के साथ मैंने जितना अधिक समय लिया,
  25. उतना कम मैंने शोर सुना
    बाहरी दुनिया का।
  26. और इसलिए, मेरे भाई-बहनों से अलग
    जो किताबों द्वारा दौड़ रहे थे
  27. मैंने धीरे से पढ़ा -
  28. बहुत धीरे-धीरे।
  29. मैं वह बच्चा था जीसकी उंगली
    शब्दों के नीचे चल रही थी,जब तक मैं

  30. इसके लिए तैयार नहीं हुई थी; मुझे बताया
    गया कि बड़े उंगलिया इस्तेमाल नहीं करते।
  31. तीसरी कक्षा में हमें हमारे डेस्क पर हाथ
    जोड़कर बैठने के लिए बोला गया था,
  32. केवल पन्नों को पलटने उन्हें खोलने थे ,
    फिर उन्हें उस स्थिति में लौटा देने थे |
  33. हमारे शिक्षक क्रूर नहीं थे।
  34. यह 1970 का दशक था,
  35. और उसका लक्ष्य हमें पढ़ाना था,
    न कि केवल ग्रेड स्तर पर
  36. बल्कि उससे कहीं ऊपर।
  37. और हमें हमेशा
    तेजी से पढ़ने के लिए धकेला जा रहा था।
  38. लेकिन मेरे अपार्टमेंट में,
    मेरे शिक्षक की नज़र के बाहर
  39. मैं अपनी उंगली उन शब्दों
    के नीचे चलाती थी ।
  40. और उस स्वार्थी विशालकाय
    ने फिर मुझे अपनी कहानी सुनाई,
  41. कैसे उसने बच्चों से धोखा महसूस किया,
    जो उसके बगीचे में घुस रहे थे,
  42. उसने इस ऊँची दीवार को कैसे बनाया था,
  43. और इसने बच्चों को बाहर रखा,
  44. लेकिन एक ठंडी सर्दी उसके बगीचे पर आ गई
  45. और बस रुके और रुके रहे।
  46. प्रत्येक पुनरावृत्ति के साथ,
    मैंने कुछ नया सीखा
  47. सड़क के कठोर पत्थर के बारे में जो बच्चों
    को खेलने के लिए मजबूर किया गया
  48. जब उन्हें बगीचे से निकाला गया,
  49. एक छोटे लड़के की सज्जनता के बारे में
    जो एक दिन दिखाई दिया,
  50. और खुद विशालकाय के बारे में भी।
  51. हो सकता है कि उसके शब्द
    क्रोधपूर्ण नहीं थे।
  52. शायद वे सहानुभूति के लिए एक दलील थे,
  53. समझने के लिए।
  54. "मेरा अपना बगीचा मेरा अपना बगीचा है।"
  55. वर्षों बाद, मैंने जॉन गार्डनर
    नामक लेखक के बारे में जाना

  56. जिस्ने इसे "काल्पनिक सपने"
    में संदर्भित किय,
  57. या "कल्पना का सपना,"
  58. और मुझे एहसास हुआ कि यह वह
    जगह थी जहाँ मैं उस किताब के अंदर थी,
  59. लेखक द्वारा बनाए गए पात्रों
    और दुनिया के साथ समय बिता रही थी
  60. जिसमें मुझे आमंत्रित किया गया था|
  61. एक बच्चे के रूप में, मुझे पता था
    कि कहानियों का आनंद लेना है,
  62. वह कहानियाँ धीमी होना चाहती थीं,
  63. और कुछ लेखक ने महीने बिताए थे,
    शायद साल, उन्हें लिखने मे |
  64. और पाठक के रूप में मेरा काम
  65. विशेष रूप से पाठक जो एक दिन
    लेखक बनना चाहती थी-
  66. उस कथा का सम्मान करना था।
  67. बहुत पहले केबल
    या इंटरनेट या टेलीफोन नहीं था,

  68. कहानी के माध्यम से विचारों और सूचनाओं
    और स्मृति को साझा करने वाले लोग थे।
  69. यह संयोजी तकनीक के
    हमारे शुरुआती रूपों में से एक है।
  70. यह नाईल नदी के नीचे की कहानी थी
  71. जिसने मिस्रियों को इसके साथ
    बढ़ने के लिए भेजा था,
  72. मृतकों के संरक्षण के
    लिए बेहतर तरीके की कहानी
  73. जो 21 वीं सदी में किंग टुट
    के अवशेषों को लाया।
  74. और दो मिलियन साल पहले,
  75. जब पहले इंसानों ने
    पत्थर से औजार बनाना शुरू किया,
  76. किसी ने कहा होगा, "क्या अगर?"
  77. और किसी और को कहानी याद थी।
  78. और चाहे उन्होंने इसे शब्दों या
    इशारों या चित्रों के माध्यम से बताया,
  79. यह आगे पारित किया गया था; याद रखा गया था:
  80. याद करो और इसकी कहानी सुनो।
  81. दुनिया शोर से भर गई है

  82. हम बूमबॉक्स से
  83. वॉकमेन तक, पोर्टेबल सीडी प्लेयर से लेकर
  84. आइपॉड तक
  85. जब भी हम चाहे,
    किसी भी गीत तक पहुँच जाते है।
  86. हम अपने बचपन के चार टेलीविज़न चैनलों से
  87. केबल और स्ट्रीमिंग के
    अनन्तता से प्रतीत हुए हैं।
  88. जैसे-जैसे तकनीक हमें समय और स्थान
    के माध्यम से और तेजी से आगे बढ़ाती है,
  89. ऐसा लगता है जैसे कहानी
    को बाहर धकेला जा रहा है,
  90. मेरा मतलब है, सचमुच बाहर धकेल दिया है ,
    कथा को।
  91. लेकिन कहानियों के साथ हमारी व्यस्तता
    भी बदलती है,
  92. या इसके चारों ओर के निशान को पुस्तक
    से ऑडियो में इंस्टाग्राम से स्नैपचैट तक,
  93. हमें शब्दों के नीचे अपनी उंगली
    याद रखनी चाहिए।
  94. प्रारूप की परवाह किए बिना
    कहानी को याद रखें,
  95. हमें उन स्थानों पर ले गया है जहां
    कभी नहीं सोचा था कि हम जाएंगे,
  96. हमें उन लोगों से मिलवाया जिनके
    बारे में कभी नहीं सोचा था
  97. कि हम मिलेंगे और हमें ऐसी दुनिया
    दिखाईं जिनसे हम चूक गए होंगे।
  98. जैसे तकनीक
  99. तेज हो रही है,
    मैं कुछ धीमा के साथ अछी हूँ।
  100. शब्दों के नीचे मेरी
    उंगली ने मुझे किताबे लिखने के लिए
  101. प्रेरित किया है
    सभी उम्र के लोगों के लिए,
  102. किताबें धीरे-धीरे पढ़नी चाहिए,
  103. स्वाद लेना चाहिए।
  104. दुनिया को गहराई से और करीब
    से देखने का मेरा प्यार,

  105. अपना पूरा आत्म लगाकर, और ऐसा करके,
  106. एक कथा के कई, कई संभावनाओं
  107. को देखना,एक उपहार निकला,
  108. क्योंकि मेरे समय लेने से मुझे
  109. वह सब कुछ सीखने को मिला
    जो मुझे लिखने के बारे में जानना था।
  110. और लेखन ने मुझे वह सब कुछ सिखाया
    जो मुझे दुनिया बनाने
  111. के बारे में जानना था जहाँ लोगों को देखा
    और सुना जा सकता था,
  112. जहां उनके अनुभवों को वैध बनाया जा सकता है,
  113. और जहां मेरी कहानी,
    किसी अन्य व्यक्ति द्वारा पढ़ी या सुनी गई,
  114. उनमें कुछ प्रेरित किया
    जो हमारे बीच संबंध बन गया,
  115. एक बातचीत।
  116. और यह नहीं है कि यह सब क्या है -
  117. एक रास्ता खोजना, दिन के अंत में,
    दुनिया में अकेला महसूस नहीं करने के लिए,
  118. और ऐसा महसूस करने का एक तरीका
    कि हमने जाने से पहले इसे बदल दिया है?
  119. पत्थर से हथौड़ा, आदमी से मम्मी,
  120. कहानी के लिए विचार --
    और यह सब याद आया।
  121. कभी-कभी हम भविष्य
    को समझने के लिए पढ़ते हैं।

  122. कभी-कभी हम अतीत को समझने के लिए पढ़ते हैं।
  123. हम खो जाने के लिए, उस कठिन समय को भूलने
    के लिए पढ़ते हैं जिसमें हम रह रहे हैं,
  124. और हम याद करने के लिए पढ़ते हैं
    जो हमारे पहले आए,
  125. जो कुछ कठिन से गुजरे।
  126. मैं उन्हीं कारणों से लिखती हूं।
  127. ब्रुकलिन आने से पहले, मेरा परिवार
    ग्रीनविले, साउथ कैरोलिना में रहता था,

  128. निकोलटाउन नामक एक अलग पड़ोस में।
  129. हम सभी लोग ऐसे लोगों के वंशज थे
  130. जिन्हें पढ़ने या लिखने के
    लिए सीखने की अनुमति नहीं थी।
  131. कल्पना करो :
  132. अक्षर कैसे शब्द बनाते हैं, यह समझने का डर
  133. शब्दों का डर,
  134. साक्षर लोगों और उनकी कहानियों का डर
  135. लेकिन इस पृष्ठभूमि
    में मौत की धमकी दी जा रही थी
  136. एक कथा पर पकड़ रखने के लिए,
  137. हमारी कहानियाँ मरती नहीं थीं,
  138. क्योंकि उस के नीचे एक और कहानी है।
  139. और ऐसे उसने हमेशा काम किया है।
  140. जब तक हम संवाद कर रहे हैं,
  141. तब तक कथा का स्तर रहा है,
  142. कहानियों के नीचे की कहानियाँ
    और उनके नीचे की कहानियाँ।
  143. इस तरह कहानी है और यह जीवित रहेगी।
  144. जैसे ही मैंने उन बिंदुओं को जोड़ना
    शुरू किया जो लिखने के तरीके से जुड़े थे

  145. और जिस तरह से मैंने लगभग
  146. चुपचाप लोगों को पढ़ना सीखा,
  147. मुझे एहसास हुआ कि मेरी कहानी
    पहले से कहीं बड़ी और पुरानी
  148. और गहरी थी।
  149. और उसके कारण, यह जारी रहेगा।
  150. इन लगभग खामोश लोगों में

  151. ऐसे लोग थे जिन्होंने कभी पढ़ना नहीं सीखा।
  152. उनके वंशज, अब पीढ़ियों की ग़ुलामी से बाहर,
  153. अच्छी तरह से पर्याप्त,
  154. कॉलेज, ग्रेड स्कूल, परे चला गया था।
  155. कुछ, मेरी दादी ,मेरे भाई-बहनों की तरह,
    लगता है कि वे पढ़ते हुए पैदा हुए हैं,
  156. जैसे इतिहास, उनके रास्ते से हट गया था |
  157. कुछ, मेरी माँ की तरह,
    ग्रेट माइग्रेशन वैगन पर अड़ गए -
  158. जो वास्तव में एक वैगन नहीं था -
  159. और चूमा अलविदा।
  160. लेकिन यहाँ उस कहानी के भीतर की कहानी है:

  161. जो छोड़ गए और जो रुके थे
  162. उनके साथ एक कथा का इतिहास लेकर गए,
  163. गहराई से जानते थे कि इसे लिखना ही एकमात्र
    तरीका नहीं था, जिस पर वे इसे पकड़ सकते थे,
  164. पता था कि वे एक लंबे दिन के अंत में अपने
    पोर्च या उनके स्टूप पर बैठ सकते हैं
  165. और अपने बच्चों को एक धीमी कहानी
    सुना सकते है |
  166. वे जानते थे कि वे अपनी कहानियों को कपास
    की मोटी गर्मी के माध्यम से गा सकते हैं
  167. और कटाई तंबाकू,
  168. जानते थे कि वे अपनी कहानियों का प्रचार कर
    सकते हैं और उन्हें रजाई में डाल सकते हैं,
  169. सबसे दर्दनाक लोगों को
    कुछ हंसी में बदल दें,
  170. और उस हँसी के माध्यम से,
    एक ऐसे देश को छोड़ दें
  171. जिसने बार-बार कोशिश की
  172. कि उनके शरीर,
  173. उनकी आत्मा और
  174. उनकी कहानी को चुराया जाए।
  175. इसलिए एक बच्चे के रूप में,
    मैंने एक अदृश्य उंगली की कल्पना करना सीखा

  176. जो मुझे शब्द से शब्द तक,
  177. वाक्य से वाक्य तक,
  178. अज्ञान से लेकर बोध तक ले जा रही है ।।
  179. इसलिए जैसे-जैसे तकनीक आगे बढ़ रही है,

  180. मैंने धीरे-धीरे पढ़ना जारी रखा,
  181. यह जानते हुए कि मैं लेखक के काम
  182. और कहानी की स्थायी शक्ति का
    सम्मान कर रही हूं ।
  183. और मैं धीरे-धीरे शोर को बाहर
    निकालने के लिए पढ़ती हूं
  184. और जो मेरे सामने आए उन्हें याद रखना,
  185. जो शायद पहले लोग थे जिन्होंने आखिरकार
    आग पर काबू पाना सीख लिया
  186. अपनी नई शक्ति
  187. लौ और प्रकाश और गर्मी की परिक्रमा की।
  188. और मैंने स्वार्थी विशाल को याद करने के
    लिए धीरे-धीरे पढ़ा,
  189. कैसे उसने आखिरकार उस दीवार को गीरा दिया
  190. और बच्चों को उसके बगीचे में जाने दिया।
  191. और मैंने अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि
    देने के लिए धीरे-धीरे पढ़ा,
  192. जिन्हें पढ़ने की अनुमति नहीं थी।
  193. उन्होंने भी अपने सपनों
  194. अपनी आशाओं, अपने भविष्य के बारे में
  195. धीरे-धीरे बोलते हुए आग परिक्रमा की होगी।
  196. हर बार जब हम कोई कहानी पढ़ते,
    लिखते या बताते हैं,
  197. हम उनके घेरे के अंदर कदम रखते हैं,
  198. और यह अखंड रहता है।
  199. और कहानी की शक्ति पर रहती है।
  200. धन्यवाद।

  201. (तालियां)